उज्जैन,। श्री महाकाल मंदिर के पास बेगमबाग में एक बार फिर से संयुक्त कार्रवाई के तहत मुस्लिम बाहुल्य बेगमबाग क्षेत्र में 16 अवैध भवनों पर प्रशासन के सहयोग से उज्जैन विकास प्राधिकरण,नगर निगम एवं पुलिस की टीम ने बुलडोजर चलाया है। यहां पर उज्जैन विकास प्राधिकरण के 45 आवासीय भूखंडों के नियम विरुद्ध 90 हिस्से कर व्यावसायिक निर्माण किए गए थे। पूर्व में 42 भवन तोडे जा चुके हैं। अब इस जगह पर ब्रिज निर्माण प्रस्तावित है।
मंगलवार सुबह श्री महाकाल मंदिर के मुख्य नीलकण्ठ द्वार के पास से इस कार्रवाई को आधा दर्जन पोकलेन व बुलडोजर से कार्यवाही को अंजाम दिया गया है। लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से स्टे समाप्त होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। उज्जैन विकास प्राधिकरण के आवासीय भूखंडों पर यहां लोगों ने लीज शर्तों का उल्लंघन करते हुए व्यवसायिक तौर पर उपयोग किया था,भूखंडों के टूकडे कर दिए थे। अवैध अतिक्रमण किया था। उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी के साथ कर्मचारी अधिकारी , सीएसपी राहुल देशमुख के साथ 50 पुलिस अधिकारी व जवान , 50 नगरनिगम कर्मी व प्रशासन का अमला यहां तैनात रहा और कार्रवाई को अंजाम दिया गया
कोई विरोध नहीं, पैदल आवागमन रहा-
कार्रवाई में किसी प्रकार का कोई विरोध प्रदर्शन देखने को नही मिला । दरअसल यहां पिछले एक वर्ष के भीतर इसी प्रकार 42 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया था तब जरूर विरोध हुआ था। आज कार्यवाही शांतिपूर्ण चली। क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य होने के कारण अति संवेदनशील माना गया है। इसलिए यह रास्ता वाहनों के लिए पूरी तरह बन्द कर दिया गया था। केवल श्रद्धालुओं को पैदल आवागमन करने दिया गया।
ये है पूरा मामला-
दरअसल पूरा मामला इस प्रकार है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण ने वर्ष 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में भूखंड आवासीय तौर पर 30 साल की लीज पर दिए थे। भूखंड धारकों ने इन भूखंडों का उपयोग आवासीय तौर पर करने की बजाय पूरी तरह व्यावसायिक तौर पर कर लिया। जो कि नियम विरुद्ध था। इसके साथ ही वर्ष 2014-15 में लीज भी समाप्त हो गई । जिसे नवीनीकरण भी नहीं कराया गया। भूखंडों को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने लगातार नोटिस दिए। वर्ष 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज समाप्त कर दी । जिसको लेकर भूखंड धारक न्यायालय पहुंचे जहां उन्हें स्टे मिल गया। इन भूखंडों का अलग-अलग न्यायालय में मामला विचाराधीन रहा ।न्यायालय का स्टे हटते ही तोड़ने की कार्यवाही शुरू कर दी गई । यहां पूर्व में भी चार चरणों मे करीब एक वर्ष के भीतर 42 बिल्डिंगों को हटाया गया था। खास बात तो यह है कि जिन पर कार्यवाही हो रही है ऐसे 45 भूखंड है जिन्हें उज्जैन विकास प्राधिकरण ने आवंटित किए थे। जिनमें प्रत्येक की साइज करीब 2400 स्क्वेयर फीट थी।भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 99 बिल्डिंग बना ली। आज दिनांक तक 90 में से 58 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया है शेष 32 बिल्डिंगों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत तोड़ा जाएगा।
16 भवनों पर कार्रवाई
मंगलवार को जिन 16 बिल्डिंगों पर कार्रवाई की गई, न्यायालय ने इनका स्टे खारिज कर दिया था । इसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिया गया था जिनकी समय सीमा समाप्त हो गई। भवन मालिको से बातचीत की गई और उन्हें न्यायालय प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। इसके बाद उन्होंने
स्वतः अपनी बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दी। इसलिए यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से जारी रही।
इन भवनों का हटा अतिक्रमण-
मंगलवार को जिन 16 भवनों को जमीदोंज किया गया उनमें
भूखंड क्रमांक 66
होटल डायमंड
जीकुन बी एवं अन्य
भूखंड क्रमांक 66 ए के 3 भाग
खतीजा बी
मोहम्मद सलीम
नजमा बी
भूखंड क्रमांक 67 ए
हिना खान
भूखंड क्रमांक 68 ए
मोहम्मद सलीम पिता लियाकत हुसैन
भूखंड क्रमांक 69 ए
शाहनवाज खान
भूखंड क्रमांक 68 बी
अब्दुल हमीद
भूखंड क्रमांक 69 बी
वारिस बेग
भूखंड क्रमांक 231 ए
न्यू सावन पैलेस