40 सेक्टर में बनेगें 80 थाने, 63 हजार पुलिसकर्मी की होगी तैनाती एआई तकनीक से होगी 30 करोड़ श्रद्धालुओं की निगरानी

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिये बुधवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाकर एआई तकनीक निगरानी की योजना बनाई गई है। 3 हजार हेक्टेयर में सिंहस्थ का आयोजन किया जायेगा। जिसे 10 जोन, 40 सेक्टर और 80 थानों में विभाजित कर 63 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जायेगी।
पुलिस कंट्रोलरूम पर आयोजित बैठक एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा की उपस्थिति में शुरू हुई। इस दौरान  एएसपी, सीएसपी, ट्रेफिक डीएसपी, सभी थाना प्रभारी, एएसआई शामिल रहे।  पुलिस अधीक्षक ने सिंहस्थ-2028 की प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्था का प्रेजेंटेशन देते हुए बताया कि 9 अप्रैल से 8 मई 2028 तक प्रस्तावित महाकुंभ में करीब 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। तृतीय अमृत स्नान पर 5 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की गई है। करीब 3 हजार हेक्टेयर में प्रस्तावित मेला क्षेत्र को 10 जोन, 40 सेक्टर और 80 थानों में विभाजित करने का प्रस्ताव है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 62,950 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों और 500 राजपत्रित अधिकारियों की तैनाती की योजना बनाई गई है। बैठक में एआई आधारित सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। पूरे मेला क्षेत्र और शहर में 3,500 एआई सीसीटीवी कैमरे, 416 ड्रोन, अंडरवाटर कैमरे और 2,700 से अधिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाए जाएंगे। एआई आधारित स्टाम्पीड अर्ली वार्निंग सिस्टम संभावित भगदड़ की पहले ही चेतावनी देगा, जबकि एएनपीआर और फेसियल रिकग्निशन तकनीक से चोरी के वाहन और संदिग्ध अपराधियों की पहचान की जाएगी। कार्तिक मेला क्षेत्र में 24\7 इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने तथा माधवनगर और राणोजी की छत्री क्षेत्र में बैकअप कंट्रोल सेंटर बनाने की योजना भी प्रस्तुत की गई। साइबर सुरक्षा के लिए साइबर थाना, 10 साइबर हेल्प डेस्क और 1,000 साइबर वॉरियर्स की तैनाती पर भी चर्चा हुई।
आठ मार्गो पर विशेष ट्रेफिक प्लान
यातायात व्यवस्था को लेकर इंदौर, देवास, मक्सी, आगर, गरोठ, नागदा, उन्हेल और बड़नगर सहित आठ प्रमुख मार्गों पर विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है। बाहरी क्षेत्र में 100 से अधिक पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे, जहां प्रतिदिन 2.20 लाख वाहनों और 52.60 लाख श्रद्धालुओं की क्षमता के अनुरूप व्यवस्था रहेगी। अंतर्राज्यीय समन्वय, रेलवे पुलिस के साथ तालमेल और प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान सुरक्षा प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। बैठक के अंत में एडीजी राकेश गुप्ता और डीआईजी नवनीत भसीन ने सभी तैयारियां समयबद्ध और तकनीक आधारित तरीके से पूरी करने के निर्देश देते हुए सुरक्षित सिंहस्थ, सफल सिंहस्थ के लक्ष्य की प्राथमिकता पर जोर दिया।

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