धोखाधड़ी: मोबाइल हैक कर खाते से निकाले 2 लाख -एम्बुलेंस चालक को बनाया शिकार, आरोपी ने 5 बार किया ट्रांजेक्शन

उज्जैन। साइबर फ्रॉड करने वाले का नया तरीका लोगों पर भारी पड़ा रहा है। मोबाइल हैक होने के बाद खाते से लाखों का ट्रांजेक्शन होना सामने आ रहा है। नया मामला बागपुरा के एम्बुलेंस चालक का है। उसके खाते से 2.9 लाख का ट्रांजेक्शन होना सामने आये है।
माधवनगर थाना क्षेत्र के बागपुरा में रहने वाला राजेश पिता बाबूलाल देवतवाल एम्बुलेंस चालक है। 12 सितंबर से 14 सितंबर के बीच उसका मोबाइल 2 से 3 बार हैक हुआ। इस दौरान उसके खाते से पांच बार 90 हजार,40 हजार, 20 हजार, 30 हजार और 29 हजार का ट्रांजेक्शन हुआ। राजेश को ट्रांजेक्शन के बाद खाते से राशि निकलने का मैसेज मिला। उसने बैंक पहुंचकर जानकारी ली तो आॅनलाइन 2.9 लाख रूपये निकलने का पता चला। उसने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। हेल्पलाइन के माध्यम से उसकी कुछ राशि को होल्ड करा दिया। उसके बाद मामला माधवनगर थाना पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। बैंक से जानकारी मांगी गई है कि किस खाते में राशि का ट्रांजेक्शन हुआ है। जिसके माध्यम से आरोपी का पता लगाया जायेगा।
3 माह में कई लोगों के मोबाइल हैक
पिछले 3 माह में साइबर फ्रॉड का शिकार हुये लोगों के साथ एक जैसी वारदात होना सामने आई है। सभी का कहना था कि उनके मोबाइल हैक किये गये थे, उसके बाद आॅनलाइन ट्रांजेक्शन कर हजारों का ट्रांजेक्शन किया गया है। जुलाई माह से सितंबर माह के बीच जिले में पुलिस 30 के लगभग मामले साइबर फ्रॉड के दर्ज कर चुकी है। जिन लोगों ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नम्बर पर शिकायत दर्ज कराई, उनकी राशि भी वापस खाते में ट्रांसफर कराने में पुलिस सफल रही है।
बदमाश बदल चुके है फ्रॉड की तरीका
संचार क्रांति की शुरूआत के बाद डिजीटल ट्रांजेक्शन दौर शुरू होने के बाद साइबर फ्रॉड में शामिल बदमाशों द्वारा लोगों के साथ धोखाधड़ी की शुरूआत कर दी थी। पहले बैंक अधिकारी बनकर लोगों को ठगा जाता था। पुलिस ने शिकंजा कंसा तो डिजीटल अरेस्ट के रूप में ठगी की जाने लगी। पुलिस ने फ्रॉड करने वालों के तरीको का पता लगाकर जागरूकता अभियान की शुरूआत की और किसी को ओटीपी नहीं देने की जानकारी देना शुरू कर दिया। लोग जागरूक हुये तो फ्रॉड करने वालों ने तरीका बदल दिया। अब बिना ओटी मांगे, बिना  लालच दिये, लिंक पर क्लिक करने जैसे हथकंडो को छोड़ सीधे मोबाइल हैक किये जा रहे है।

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