उज्जैन।केन्द्र सरकार ने उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक ट्राम टाईप रोप-वे के लिए 209 करोड रूपए मंजूर किए थे। इसका ठेका भी हो चुका था। काम की शुरूआत में इसके लिए गड्ढे किए गए और बाद में पूरा काम डंप हो गया। अब हाल यह हैं कि रेलवे क्षेत्र में किए गए गड्ढे एक बार फिर से भरने लगे हैं और दुर्घटना का कारण भी बने हैं। हाल ही में एक मजदूर के बच्चे की इसके गड्ढे में गिरकर मौत हुई थी।
रोप-वे का निर्माण दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। खास यह कि रोप-वे से श्रद्धालु रेलवे स्टेशन से श्री महाकालेश्वर मंदिर तक का पौने दो किमी का सफर 7 मिनट में तय करने की प्रारंभिक जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने साक्षा की थी। इसके बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई जो चिटी की चाल पकडे हुए हैं। रोपवे स्टेशन में लोगों के लिए फूड जोन, वेटिंग एरिया, शौचालय के साथ-साथ बस और कार पार्किंग की भी सुविधा होगीनोटिस के बाद काम चला फिर बंद हुआ-कुछ माह पूर्व काम को लेकर एक नोटिस आया था कि समय अवधि में आप काम कर नहीं पा रहे हो तो इस काम को कैंसिल कर दिया जाएगा और इसके बाद काम रुक गया था। जैसे तैसे काम शुरू हुआ तो एक बार फिर से पिछले माहों से रूका पडा है।सिंहस्थ तक हो पायगा पूरा या नहीं शंका में-रोप-वे का फायदा सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को मिल सके इसके चलते यह योजना लाई गई थी। यह योजना अभी तो शंका कुशंकाओं में घिरी हुई है कि आने वाले डेढ साल में रोप-वे शुरू भी हो सकेगा या नहीं । अभी तो रोप-वे के प्रारंभिक निर्माण में ही बाधा बनी हुई है।