शुजालपुर। शहर के कान्हा का वृंदावन गार्डन में दिव्य संतान प्रकल्प अंतर्गत शंखनाद गर्भ संस्कार कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम में इंदौर से आए वरिष्ठ चिकित्सक दंपति डॉ. अनिल गर्ग एवं डॉ. सीमा गर्ग ने गर्भ संस्कार विषय पर वैज्ञानिक व व्यवहारिक जानकारी साझा की। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान आहार, मानसिक स्थिति, पारिवारिक वातावरण और आध्यात्मिक साधना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सकारात्मक सोच, संतुलित जीवनशैली और संस्कारयुक्त परिवेश से गर्भस्थ शिशु का सर्वांगीण विकास संभव है। मुख्य अतिथि प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं आयुष मंत्री व क्षेत्रीय विधायक इंदर सिंह परमार ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने के प्रभावी माध्यम हैं, जो आने वाली पीढ़ी को स्वस्थए संस्कारित और प्रतिभाशाली बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस तरह के प्रयासों के व्यापक विस्तार पर जोर दिया। कार्यक्रम में योगेंद्र महंत राष्ट्रीय संचालक दिव्य संस्थान प्रकल्प राकेश दुबे इंदौर प्रभारी, हिंदू आध्यात्मिक सेवा संस्थान व प्रांजल कोषाध्यक्ष ने भी विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि सनातन परंपरा में गर्भ संस्कार की अवधारणा प्राचीन होते हुए भी वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक है।
कार्यक्रम में करीब 160 गर्भवती महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों द्वारा बताए गए निदेर्शों का पालन करने का संकल्प लिया। इस दौरान डॉ. अनिल गर्ग व डॉ. सीमा गर्ग की गर्भ संस्कार पुस्तक का विमोचन मंत्री परमार के करकमलों से किया गया। साथ ही गर्भ संस्कार फ ाउंडेशन कोर्स एवं नि:शुल्क आॅनलाइन परामर्श सेवा का शुभारंभ भी किया गया। आयोजन समिति ने बताया कि शुजालपुर नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत 15-15 गांवों को जोड़कर केंद्र स्थापित कर नियमित आयोजन किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक परिवार लाभान्वित हो सकें। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय संचालक योगेंद्र महंत का पुष्पमाला से स्वागत किया गया। मंचासीन अतिथियों का अभिनंदन कर स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। संचालन महेश अग्रवाल व आभार राजेंद्र अग्रवाल ने व्यक्त किया। आयोजन में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला.बाल विकास विभाग का सहयोग सराहनीय रहा।
शुजालपुर में गूंजा गर्भ संस्कार का शंखनाद