ब्रह्मास्त्र उज्जैन
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में मिलने वाला लड्डू प्रसाद अब आधुनिक तकनीक के साथ नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं को बेहतर गुणवत्ता और स्वच्छता युक्त प्रसाद उपलब्ध कराने के लिए अत्याधुनिक मशीनों से लड्डू बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए करीब 40 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है, जबकि 20 करोड़ रुपये की लागत से त्रिवेणी संग्रहालय के पास भोजनशाला अन्न क्षेत्र में एक आधुनिक लड्डू प्रसाद यूनिट का निर्माण भी किया जा चुका है।
अब तक लड्डू प्रसाद का निर्माण मंदिर से लगभग 8 किमी दूर स्थित चिन्तामणि गणेश मंदिर परिसर में किया जाता था, लेकिन नई यूनिट बनने के बाद यह पूरी प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत हो जाएगी। 50 हजार वर्गफुट क्षेत्र में फैली इस यूनिट में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल शामिल हैं, जहां मशीनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लड्डू तैयार किए जाएंगे।
मंदिर समिति ने बेहद कड़े नियम तय किए
लड्डू प्रसाद की गुणवत्ता को लेकर मंदिर समिति ने बेहद कड़े नियम तय किए हैं। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि तैयार लड्डुओं की शेल्फ लाइफ कम से कम 15 दिन होनी चाहिए। यदि इस अवधि से पहले प्रसाद खराब होता पाया गया तो संबंधित कंपनी पर 25 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा यदि निर्माण में घटिया या कच्चे माल का उपयोग किया गया तो 5 लाख रुपये का दंड तय किया गया है। वहीं, प्रसाद के पैकेट में वजन कम पाए जाने पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इन कड़े प्रावधानों का उद्देश्य केवल एक ही है कि श्रद्धालुओं को हर हाल में शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण प्रसाद मिले।