*मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की बैठक से कई विधायक लापता:जलसंरक्षण को लेकर कई बातों पर बनी सहमति

इंदौर। एक तरफ तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से यह शिकायत करते हैं कि सीएम डॉ.मोहन यादव से 15-15 दिन बात नहीं हो पाती, दूसरी तरफ वे खुद ही मुलाकात से बचते रहते हैं।      आज भोपाल में कैबिनेट की बैठक थी, लेकिन मत्री विजयवर्गीय ने एक बार फिर उससे दूरी बना ली। विजयवर्गीय ने आज एआईसीटीएसएल ऑफिस में जल संकट पर बैठक बुला ली थी, हालांकि इसमें मंत्रीजी सहित 4 विधायक ही पहुंचे।
9 में से चार विधायक ही पहुंचे-बैठक में मंत्रीजी के अलावा विधायक रमेश मेंदोला, विधायक मधु वर्मा और विधायक महेंद्र हार्डिया ही नजर आए। इस संबंध में जब मंत्रीजी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेरे से क्यों पूछ रहे हैं उनसे पूछिए। फिर कहा कि हो सकता है उनके क्षेत्र में जलसंकट नहीं हो।

पानी की कमी की मिल रही हैं शिकायतें –मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इस बार पानी कम गिरा है। एवरेज से 40 प्रतिशत से कम है। भविष्य मे जल संकट की संभावना है। आज नगर निगम के साथ बैठक की। इसके बाद संभाग की जितने नगरीय निकाय हैं उनके साथ बैठक होगी। इन दिनों गरबे के कार्यक्रम में जा रहे हैं तो पानी की शिकायत आ रही है। अभी से बोरिंग बैठने लगे हैं। आज इसी संदर्भ में महापौर के नेतृत्व में अधिकारियों के साथ चर्चा है।
17 प्रतिशत क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी विजयवर्गीय ने कहा कि जितनी क्षमता है उतना पानी दे रहे हैं। 17 प्रतिशत क्षेत्र में नर्मदा नहीं है। टैंकर या बोरिंग से पानी जाता है।
वहां के बोरिंग जल्दी सूख सकते हैं। वहां पानी कैसे पहुंचाएं, बोरिंग खराब हो तो तुरंत ठीक कैसे किया जाए। बोरिंग गहरा है तो तत्काल पाइप बढ़ाने का काम करें। मैंने नगर निगम को इस संबंध में निर्देश दिए हैं।
    एमआईसी की बैठक बुलाने के निर्देश-मंत्री ने कहा कि महापौर से कहा है कि इसी मुद्दे पर एमआईसी की बैठक बुलाई जाए। अलग से जोन अधिकारियों की बैठक बुलाइए।फिर पूरी तैयारी कीजिए। विजयवर्गीय ने लोगों से कहा कि वे जल का सदुपयोग करें, दुरुपयोग न करें। बाल्टी से नहा कर पानी बचा सकते हैं। आरओ के वेस्टेज पानी को कलेक्टर करें।-
   जमीन का पानी बेचने के लिए नहीं-मंत्री ने कहा कि उन्होंने महापौर से कहा है कि पाइप लगाकर कार धोने वालों पर जुर्माना लगाएं। यह पानी कार धोने के लिए नहीं है।      किसी प्रतिबंध की चर्चा से उन्होंने इनकार करते हुए कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए जो जरूरत होगी वह करेंगे। पानी का कोई आपातकाल नहीं है। अगर आपातकालीन स्थिति है तो बोरिंग टेकओवर करने का अधिकार कलेक्टर के पा है। कोई पानी बेच रहा होगा तो उसे अधिग्रहित कर लेंगे। जमीन का पानी बेचने के लिए नहीं होता है।

संभागायुक्त और कमिश्नर भी नहीं गएबैठक में-संभागायुक्त भास्कर लक्षकार, कलेक्टर शिवम वर्मा भी नजर नहीं आए। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के कमिश्नर संकेत भोंडवे उपस्थित थे, लेकिन इंदौर के कई अधिकारी नजर नहीं आए। कैबिनेट की बैठक में फिर नहीं आए-विजयवर्गीय किसी न किसी बहाने कैबिनेट की बैठक का बहिष्कार करते रहते हैं। इसके बाद सीएम मोहन यादव पर यह आरोप लगाते हैं कि उनसे बात नहीं हो पाती। आज भोपाल में कैबिनेट की बैठक थी, लेकिन विजयवर्गीय ने इंदौर में जल संकट के नाम पर एक बार फिर उससे दूरी बना ली।

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