टांडा (धार)।गांव घोर के समीप जंगल में भैंस चराने गए चरवाहे से बातचीत करते हुए दो संदिग्ध व्यक्ति तीन भैंसों को हांककर गेटा की ओर जंगल में ले जाने लगे। घटना की सूचना मिलते ही टांडा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों भैंसों को चोरी होने से बचा लिया।जानकारी के अनुसार सूरतसिंह मोरी का पोता प्रवीण सुबह करीब 8 से 9 बजे गांव घोर के पास जंगल में भैंसें चरा रहा था। इसी दौरान दो व्यक्ति वहां पहुंचे और चरवाहे से बातचीत करते हुए भैंसों को घेरकर गेटा की ओर जंगल में ले जाने लगे। इसी बीच गांव के मुकेश अनारे ने इसकी सूचना टांडा पुलिस के आरक्षक सुनील पंवार को दी।सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बलदेवसिंह मुझाल्दा ने पुलिस टीम को तत्काल रवाना किया। टीम में आरक्षक सुनील पंवार, आरक्षक विनोद एवं चालक आरक्षक गोवर्धन कटारा शामिल रहे। पुलिस टीम ने गेटा गांव के समीप जंगल में सर्चिंग की, जहां तीन भैंसों को दो व्यक्ति हांकते हुए दिखाई दिए। पुलिस को आता देखकर दोनों संदिग्ध भैंसों को जंगल में छोड़कर मौके से फरार हो गए।पुलिस ने तीनों भैंसों को सुरक्षित बरामद कर किसान को सुपुर्द किया। बरामद भैंसों की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस की तत्परता से किसान को बड़ी आर्थिक क्षति से बचाया गया।पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीणों में खुशी है और ग्रामीणों ने टांडा पुलिस की तत्परता की सराहना की।थाना प्रभारी बलदेवसिंह मुझाल्दा ने आमजन से अपील की है कि थाना क्षेत्र के किसी भी गांव में संदिग्ध गतिविधि अथवा कोई घटना दिखाई देने पर तत्काल टांडा थाना पुलिस या डायल 112 को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पुलिस की तत्परता से वारदात टली : तीन भैंसों को जंगल से बरामद कर किसान को किया सुपुर्द