नगर निगम बजट सत्र में भारी हंगामा: विपक्ष ने प्रशासन को घेरा:महिला पार्षद बैठीं जमीन पर

बुरहानपुर- परमानन्द गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में बुधवार को आयोजित बुरहानपुर नगर निगम का बजट सत्र पूरी तरह हंगामे की भेंट चढ़ गया। जलावर्धन योजना में कथित वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं, दूषित जलापूर्ति और शहर के विभिन्न वार्डों में अटके विकास कार्यों को लेकर कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों ने निगम प्रशासन और सत्तापक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विपक्षी पार्षदों ने जलावर्धन योजना का काम संभाल रही निजी कंपनी के खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव लाने की पुरजोर मांग की, हालांकि भारी विरोध और हंगामे के बीच यह प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।​विकास कार्यों के वादे सिर्फ कागजों पर: उबैद शेख-सत्र के दौरान कांग्रेस पार्षद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता उबैद शेख ने आरोप लगाया कि पार्षदों के चार साल के कार्यकाल में उनके संबंधित वार्डों में कोई अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुआ है। महापौर द्वारा प्रत्येक पार्षद को पांच लाख रुपये की विशेष निधि और वार्डों में 15 से 20 लाख रुपये के विकास कार्य कराने का जो वादा किया गया था, वह आज तक अधूरा है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कागजों पर योजनाएं बनीं, टेंडर भी जारी हुए, लेकिन बाद में उन्हें अज्ञात कारणों से निरस्त कर दिया गया। खराब सड़कें, खुली नालियां और जलभराव आज भी जनता के लिए नासूर बने हुए हैं। यदि यही हालात रहे, तो अगले चुनाव में जनता के बीच जाना मुश्किल हो जाएगा।​जलावर्धन योजना पर पार्षदों के तीखे सवाल-पार्षद अजय उदासीन ने जलावर्धन योजना की धीमी गति और लापरवाही पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत अब तक सभी वार्डों में नल कनेक्शन तक नहीं दिए जा सके हैं। आधे शहर में नई पाइपलाइन डालने का काम अधूरा है, जबकि पुरानी जलापूर्ति व्यवस्था को आनन-फानन में बंद कर दिया गया और ट्यूबवेल की मोटरें भी निकाल ली गईं। उन्होंने निगम प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर प्रशासन निजी कंपनी का बचाव क्यों कर रहा है? वहीं, पार्षद गौरव शुक्ला ने जल विभाग पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी सुधार न दिखने पर चिंता जताई और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी करने की अपील की।

सफाई व्यवस्था से नाराज महिला पार्षद बैठीं जमीन पर

वार्ड में ठप पड़ी सफाई व्यवस्था से आक्रोशित होकर पार्षद मीना मोरे अध्यक्ष की आसंदी के ठीक सामने जमीन पर धरने पर बैठ गईं। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारी स्वर्णिका वर्मा पर फोन न उठाने और वार्ड की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की। उनके समर्थन में निर्दलीय पार्षद अमित नवलखे भी जमीन पर बैठ गए। बाद में पार्षदों के भारी विरोध के बीच जलावर्धन योजना से जुड़ी कथित लापरवाही का एक वीडियो सदन में चलाया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की पिछले दो-तीन साल से लंबित किस्तों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।

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