धार, । जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत धार पुलिस ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हाईटेक ड्रोन की मदद से जंगलों, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों और खेतों के बीच छिपाकर की जा रही गांजे की अवैध खेती का पता लगाया है।मनावर थाना क्षेत्र में लगातार 48 घंटे से जारी ड्रोन सर्विलांस और सर्च अभियान के दौरान अब तक करीब 67 क्विंटल (6,700 किलोग्राम) गांजे की अवैध खेती चिह्नित की गई है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 25 करोड़ रुपए बताई गई है। कार्रवाई में पुलिस ने चारआरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डाबर के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पुलिस अब दुर्गम और दूरस्थ इलाकों में छिपाकर की जा रही अवैध खेती का पता लगाने के लिएड्रोन तकनीक का सहारा ले रही है। ड्रोन के माध्यम से हवाई सर्वेक्षण कर ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां सामान्य तौर पर पुलिस टीमों का पहुंचना मुश्किल होता है। फसलों और प्राकृक्तिक वनस्पतियों के बीच छिपाकर लगाए गए गांजे के पौधों को ड्रोन कैमरों की मदद से
चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीमें मौके पर पहुंचकर सत्यापन और वैधानिक कार्रवाई कर रही हैं। मनावर क्षेत्र में पिछले 48 घंटे से लगातार निगरानी और सर्च अभियान चलाया जा रहा है।पुलिस का कहना है कि चिह्नित स्थानों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। ऑपरेशन प्रहार के तहत अवैध मादक पदार्थों की खेती, उत्पादन, विक्री और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। धार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि जिले में कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की खेती या कारोबार की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।