खाद्य विभाग का छापा: मिल्क सेंटर व मावा भंडार से लिए सैंपल, सुरक्षा मानकों की हुई जांच

, सारंगपुर।त्योहारों और आम दिनों में नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पुलिस प्रशासन के साथ एक संयुक्त और औचक कार्रवाई करते हुए सारंगपुर विकासखंड क्षेत्र के प्रमुख डेयरी व मावा प्रतिष्ठानों पर ताबडतोड निरीक्षण किया। इस दौरान दूध और मावे के संदेहास्पद नमूनों को संग्रहित कर उन्हें विस्तृत जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया है।
 दो मिल्क कलेक्शन सेंटरों पर हुई कार्रवाई-खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसएस खत्री के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ टीम ने सबसे पहले सारंगपुर के व्यस्त क्षेत्र तारागंज का रुख किया। यहाँ स्थित प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मिल्क सेंटर और ओयस्टर मिल्क प्रोडक्ट्स चिलिंग सेंटर पर पहुंचकर टीम ने मिल्क कलेक्शन और स्टोरेज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने दोनों सेंटरों से दूध के नमूने विधिवत रूप से भरे। मौके पर ही विभाग की ओर से लाई गई रैपिड टेस्टिंग किट के माध्यम से दूध की प्राथमिक जाँच भी की गई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें किसी प्रकार की हानिकारक मिलावट तो नहीं की गई है।
मावा भंडार पर भी कसा शिकंजा-सारंगपुर के बाद प्रशासनिक अमला पचोर पहुँचा। यहाँ न्यू बस स्टैंड के समीप स्थित मां गायत्री मावा भंडार पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा। त्योहारी सीजन के मद्देनजर बाजार में खपाए जाने वाले मावे की गुणवत्ता को परखने के लिए यहाँ से मावे का नमूना संग्रहित किया गया। अधिकारियों ने दुकान के भीतर मावे के भंडारण और उसकी फ्रेशनेस की बारीकी से पडताल की।
साफ-सफाई और दस्तावेजों की भी हुई गहन पडताल-निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी खत्री ने केवल नमूनों तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि प्रतिष्ठानों के भीतर साफ-सफाई के स्तर, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, खाद्य अनुज्ञप्ति और खाद्य सुरक्षा मानकों के कडाई से पालन का भी भौतिक सत्यापन किया। खत्री ने ने दुकान संचालकों को सख्त हिदायत दी कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के सभी प्रावधानों का पूर्णत: पालन करें। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर हाल में शुद्ध व गुणवत्तायुक्त  खाद्य सामग्री ही बाजार में बेची जानी चाहिए।
पुलिस बल की मौजूदगी में हुई पूरी कार्रवाई-इस पूरी संयुक्त  कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन के सब-इंस्पेक्टर राहुल सेंधव, गौरव बाजपेई और अन्य पुलिसकर्मी पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे। खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारी खत्री ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरी के खिलाफ यह अभियान महज एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि जिले भर में खाद्य पदार्थों की शुद्धता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण और नमूना संग्रहण की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
बोले जिम्मेदार-
राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी भी प्रकार की मिलावट या मानक विपरीत परिणाम सामने आते हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कडी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।                                                               –एसएस खत्री, खाद्य सुरक्षा प्रशासन अधिकारी, राजगढ़।

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