उज्जैन। इस वर्ष नागपंचमी पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने विशेष दर्शन व्यवस्था लागू की है। 17 अगस्त को श्रावण का तृतीय सोमवार, तृतीय सवारी और नागपंचमी तीनों एक साथ पड़ रहे हैं। इसके चलते जमकर श्रद्धालुओं के आने का अनुमान हैं। इसके चलते मंदिर प्रबंध समिति ने भगवान श्री महाकालेश्वर एवं श्री नागचंद्रेश्वर के दर्शनों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है।श्री महाकालेश्वर मंदिर में 16 अगस्त की मध्य रात्रि से नागपंचमी के लिए तल पर स्थित भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के दर्शनों का क्रम शुरू होगा। मंदिर समिति तीन संयोग में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।इसी कारण मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने मंगलवार को कर्कराज पार्किंग से लेकर 24 खंभा मार्ग तक का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नागचंद्रेश्वर और महाकाल मंदिर के दर्शन मार्ग अलग-अलग निर्धारित किए हैं।नागचंद्रेश्वर मंदिर: भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के पट 16 अगस्त की रात्रि 12 बजे खुलेंगे और 17 अगस्त की रात्रि 12 बजे तक लगातार दर्शन होंगे। नागचंद्रेश्वर भगवान के सामान्य दर्शनार्थियों के लिए प्रवेश – कर्कराज पार्किंग द्वार,→ भील समाज धर्मशाला, → गोंड मोहल्ला, → चारधाम, → हरसिद्धि चौराहा, → बड़ा गणेश, → द्वार क्रमांक-4, → विश्रामधाम होते हुए भगवान के→ दर्शन ,निकास उपरांत → 24 खंभा होते हुए श्रद्धालु 24खंबा रोड होकर कर्कराज जा सकेंगे।शीघ्र दर्शनार्थियों के लिए मार्ग- प्रवेश – हरसिद्धि पाल की ओर → बड़ा गणेश मार्ग → द्वार क्रमांक-5 → विश्रामधाम, → दर्शन निकास – प्रीपेड बूथ → 24 खंभा रोड → हरसिद्धि पाल महाकालेश्वर मंदिर सामान्य दर्शन-त्रिवेणी संग्रहालय स्थित त्रिवेणी द्वार से प्रवेश। नदी द्वार, मानसरोवर, गणेश मंडप, कार्तिक मंडप होते हुए दर्शन। निकास एम्बुलेंस गेट से होकर पिनाकी द्वार।शीघ्र दर्शन- नीलकंठ द्वार से प्रवेश की सुविधा रहेगी।व्यवस्थाओं के निर्देश-निरीक्षण के दौरान प्रशासक ने कर्कराज पार्किंग, भील समाज, चारधाम, हरसिद्धि चौराहा, बड़ा गणेश और विश्रामधाम पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश, पेयजल एवं छाया की व्यवस्था हो,भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेड एवं स्वयंसेवक तैनात रहें , खोया-पाया एवं प्राथमिक उपचार केंद्र समय पर शुरू हों,पार्किंग स्थलों पर समुचित संकेतक लगाए जाएं। प्रशासक ने कहा कि नागपंचमी एवं सवारी के दिन सुरक्षा और सुगम दर्शन सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस वर्ष नागपंचमी पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने विशेष दर्शन व्यवस्था लागू की है। 17 अगस्त को श्रावण का तृतीय सोमवार, तृतीय सवारी और नागपंचमी तीनों एक साथ पड़ रहे हैं