MR-5 ट्रांसफर स्टेशन: 12 साल का 1 लाख टन लिगेसी वेस्ट साफ   कचरे का पहाड़ बना एक साल में हरियाली का उद्यान   -500से अधिक प्रजातियों के पौधे, RDF-सीएंडडी वेस्ट से कमाई भी

उज्जैन। जहां से कभी सिर्फ दुर्गंध, धुआं उठती थी और कचरे के पहाड़ दिखते थे यही नहीं  आसपास के क्षेत्र की कालोनियों में रहवासियों का जीना दूभर था उसी जगह अब हरियाली लहलहा रही है। नगर निगम उज्जैन ने इसे सच कर दिखाया है। MR-5 स्थित ट्रांसफर स्टेशन पर पिछले 12 सालों से जमा 1 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा कर दिया गया। खाली हुई जमीन पर अब 500 से अधिक प्रजातियों का हरित क्षेत्र विकसित किया गया है।

निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह बड़ी मिसाल कायम की गई है। आसपास की कालोनी के रहवासी पहले घरों की खिडकी नहीं खोल पाते थे और अब पर्यावरणीय हवा ले रहे हैं। ये सिर्फ सफाई अभियान नहीं था। ये पर्यावरण पुनर्स्थापना का अभियान था।12 साल का कचरा, 1 साल में साफMR-5 ट्रांसफर स्टेशन पर वर्षों से जमा लिगेसी वेस्ट के कारण आसपास के रहवासी परेशान थे। गर्मियों में धुआं, बरसात में बदबू और गंदगी आम बात थी। निगम ने करीब 1 साल पहले बायो-माइनिंग प्रक्रिया शुरू की। इसके लिए 3 आधुनिक ट्रामल मशीनें, पोकलेन और जेसीबी लगाई गईं। कचरे को मशीनों से छांटकर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया। परिणाम यह रहा कि1 साल में पूरे 1 लाख टन कचरे का निपटारा हो गया। जिस जगह पहाड़ था, वहां अब मिट्टी और हरियाली है।कचरे से कमाई भी-सिर्फ कचरा हटाया ही नहीं, उसे संसाधन में बदला भी गया। कचरे से उत्पादित  रिफ्यूज ड्रियाव्ड फ्यूल RDF 20 हजार टन सिमेंट फैक्ट्री का उपयोगी,C&D वेस्ट 30 हजार टन सड़क निर्माण, भराव,मिट्टी 50 हजार टन मिट्टी प्राप्त हुई।  इस तरह से वर्षों से अनुपयोगी समझे जाने वाले कचरे को वैज्ञानिक प्रक्रिेया के  माध्यम से  उपयोगी संसाधनों में परिवर्तित किया गया । निगम अधिकारियों के मुताबिक इस प्रक्रिया से न केवल जमीन खाली हुई, बल्कि उपयोगी सामग्री से राजस्व भी मिला। अनुपयोगी समझा जाने वाला कचरा अब शहर के काम आ रहा है।कचरा पहाड़ से निकला पर्यावरणीय पार्क-कचरा हटने के बाद खाली जमीन के एक हिस्से को उद्यान और हरित क्षेत्र में तब्दील किया गया है। उद्यान विभाग के अपर आयुक्त योगेंद्र सिंह पटेल ने बताया – “यहां 500 से अधिक अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र में फेंसिंग की गई है और नियमित देखभाल की व्यवस्था है।”अभी पौधे छोटे हैं, लेकिन 1-2 साल में यह क्षेत्र पूरी तरह हरा-भरा हो जाएगा। ड्रिप इरिगेशन और खाद-पानी की व्यवस्था भी की जा रही है। निगम की योजना है कि आगामी समय में इसे शहर के मिनी इकों पार्क के रूप में विकसित किया जाए।ये बदलाव हुआ-बदबू-धुआं खत्म: आसपास की हवा और स्वास्थ्य में सुधार जमीन का पुन:उपयोग: अनुपयोगी जमीन अब हरित क्षेत्र

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