उज्जैन। सायबर ठगी की राशि का उपयोग फर्जी नाम से गोल्ड क्वाइन खरीदने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 3 सदस्यों को माधवनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों के तार दिल्ली से जुड़े होना सामने आये है। गुरूवार दोपहर को कोर्ट में पेश कर 21 जून तक पुलिस रिमांड पर लिया गया। एक टीम दिल्ली रवाना की जा रही है।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि माधवनगर थाना क्षेत्र के घासमंडी चौराहा पर डीपीके गोल्ड शोरूम से कथित अनुराग कहार ने 6 ग्राम गोल्ड क्वाइन की खरीदी की गई थी। जिसका भुगतान 95 हजार क्यूआर कोड के माध्यम से किया गया था। कुछ दिनों बाद गोल्ड शोरूम का बैंक खाता होल्ड हो गया। पता चला कि सायबर ठगी की राशि का ट्रांजेक्शन हुआ है। शोरूम के प्रबंधक ने मामले की शिकायत 6 जून को माधवनगर थाना पुलिस को दर्ज कराई गई। थाना प्रभारी गजेन्द्र पचौरिया ने टीम बनाई और सायबर सेल की मदद से पड़ताल शुरू की। शोरूम के सीसीटीवी कैमरों को देखा गया, तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से तथ्यों को खंगाला। यहीं नहीं अलग-अलग क्षेत्रों के कैमरों को खंगाला गया। जिसके आधार पर पता चला कि गोल्ड क्वाइन की खरीदी करने वाले सखीपुरा स्थित हीरा पैलेस में ठहरे है। पुलिस टीम ने दबिश देकर तीनों को हिरासत में लिया। जिनके नाम पूछताछ में कशिश पिता सुनील बढानी 29 साल, राहुल पिता अरूण गुप्ता 26 साल और अनिमेश उर्फ अनुराग पिता अभय वर्मा 21 साल निवासी नर्मदापुरम सामने आये। तीनों बताया कि सायबर ठगी की राशि से गोल्ड क्वाइन की खरीदी की गई थी। एसपी के अनुसार तीनों से खरीदे गये गोल्ड क्वाइन, खरीदी के बिल, मोबाइल, आईडी कार्डस बरामद किये गये है। प्रारंभिक पूछताछ में तीनों के एमबीए तक की पढ़ाई करना करना सामने आया है। उनका दिल्ली के कुछ लोगों से संपर्क हुआ था। जिसके बाद ज्वेलर्स की दुकानों जाकर सायबर ठगी की राशि से गोल्ड क्वाइन की खरीदी शुरू कर दी। दिल्ली के लोगों की गिरफ्तारी के लिये एक टीम रवाना की जा रही है।
बायनेंस एप से देते थे ट्रेडिंग का झांसा
माधवनगर थाना प्रभारी गजेन्द्र पचौरिया ने बताया कि तीनों आरोपियों से पता चला कि बायनेन्स एप के माध्यम से यूएसडीटी ट्रेडिंग कर बाजार मूल्य से ज्यादा राशि में डालर सेल किया जाता था। इनके साथी अन्य राज्यों लोगों को मोबाइल अपडेट करने के नाम पर फर्जी लिंक भेजते थे। लिंक पर क्लिक करने के बाद मोबाइल री-स्टार्ट होता था और इसी दौरान पीड़ितों के बैंक खातों से राशि निकाल ली जाती थी। ठगी की गई राशि सीधे ज्वेलर्स के क्यूआर कोड पर ट्रांसफर कर गोल्ड क्वाइन खरीदी जाती थी। बाद में उक्त गोल्ड को बाजार में बेचकर नकद राशि प्राप्त कर साइबर ठगी की रकम को वैध बनाने का काम किया जाता था। तीनों को 21 तक रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
उज्जैन 4 ज्वेलर्स से खरीदा गोल्ड
बताया जा रहा है कि तीनों आरोपी 9 दिनों से उज्जैन में ठहरे हुये थे। इस दौरान 5 जून को राजस्थान के नागौर स्थित मोहम्मद नासिर के साथ 2.88 लाख से अधिक की ठगी कर महावीर ज्वेलर्स से 91 हजार से अधिक का गोल्ड खरीदा। 6 जून को पंजाब के सासनगर स्थित सुरिन्दरसिंह के साथ 95 हजार की ठगी कर डीपीके ज्वेलर्स से गोल्ड क्वाइन और 9 जून को उत्तरप्रदेश स्थित गाजियाबाद के मनोज कुमार से 99 हजार की ठगी कर महेश्वरी ज्वेलर्स से 92 हजार के गोल्ड की खरीदी की।
अंतर्राज्यीय गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्त में, रिमांड पर पूछताछ सायबर ठगी की राशि से खरीदते थे गोल्ड क्वाइन