बेगमबाग में कड़ी सुरक्षा, बेटी की शादी में आया आतंकी रात में उज्जैन लेकर आई पुलिस, आज वापस जायेगा साबरमती जेल

उज्जैन। अहमदाबाद सीरियल बम धमाकों के आतंकी को शनिवार रात उज्जैन लाया गया। उसके पहुंचते ही बेगमबाग क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई। आतंकी रविवार को अपनी बेटी की शादी में शामिल हुआ। आज उसे वापस साबरमती जेल अहमदाबाद ले जाया जायेगा। आतंकी को आजीवन कारावास की सजा हुई है।
वर्ष 2008 में अहमदाबाद के कई स्थानों पर सीरियल बम धमाकों की आतंकी घटना सामने आई थी। धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी। 200 से अधिक घायल हुये थे। एंटी टेररिज्म स्क्वाड़ ने 50 से अधिक आतंकियों को गिरफ्तार किया था। उज्जैन जिले से 5 आतंकी दबोचे गये थे। उन्ही में शामिल महाकाल थाना क्षेत्र के बेगमबाग में रहने वाली आतंकी अबरार खान को शनिवार रात उज्जैन लाया गया। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि आतंकी अबरार की बेटी का निकाह होने पर उसे न्यायालय की अनुमति से अहमदाबाद स्थित साबरमती जेल गुजरात पुलिस उज्जैन लेकर आई है। रविवार को उसकी बेटी का निकाह हुआ, जिसमें वह शामिल हुआ। बम धमाकों के आरोपी के उज्जैन पहुंचने पर बेगमबाग क्षेत्र में सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी की गई थी। गुजरात-अहमदाबाद पुलिस के साथ महाकाल थाना और पुलिस लाइन का बल तैनात किया गया है। सोमवार सुबह 6 बजे उसे गुजरात-अहमदाबाद पुलिस की टीम वापस साबरमती जेल लेकर लौटेगी। बेटी के निकाह के दौरान उसकी सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
पिछले साल आया था शफीक अंसारी
अहमदाबाद बम धमाकों को उज्जैन का एक आतंकी मोहम्मद शफीक अंसारी उज्जैन के चिमनगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पिछले साल जून माह में वह अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने कड़ी सुरक्षा में उज्जैन आया था। उस दौरान भी स्थानीय पुलिस की सुरक्षा का कड़ा पहरा लगाया गया था। उज्जैन जिले के 4 आतंकी बम धमाकों में शामिल थे। जिसमें कमरूद्दीन नागौरी, मोहम्मद शफीक अंसारी, मोहम्मद अबरार खान और महिदपुर का सफदर नागौरी शामिल है। जिसमें से मोहम्मद शफीक और अबरार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं 2 अन्य आतंकियों को फांसी की सजा हुई है।
वर्ष 2022 में 49 आतंकियों को सजा
वर्ष 2008 में अहमदाबाद में हुये सीरियल बम धमाकों में शामिल 50 से आतंकियों को देशभर के अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया था। 24 साल बाद वर्ष 2022 में न्यायालय ने 49 आतंकियों को सजा सुनाई थी। जिसमें 38 का मौत की सजा फांसी दी गई है। वहीं 11 को आजीवन कारावास में रखने का फैसला सुनाया गया था। सभी आतंकियों ने 70 मिनट में 21 धमाके किये थे।

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