उप-पंजीयक कार्यालयों के कर्मचारी अभी भी सेवा प्रदाताओं के माध्यम से रिश्वत ले रहे हैं। जानकारी के अनुसार, प्रदेश में बीते वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 14.50 लाख से अधिक रजिस्ट्रियां हुईं, लेकिन इनमें से पांच लाख से अधिक होल्ड कर की गईं। इनमें से 42,971 ऐसे भी मामले हैं जिनमें रजिस्ट्री को एक दिन से अधिक समय तक होल्ड में रखा गया। गौरतलब है कि संपदा-2 सॉफ्टवेयर को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए हैं। कहा गया था कि संपदा-2 से फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगेगी। सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को संपदा-2 सॉफ्टवेयर के बाद पारदर्शी होने का दावा जरूर किया, लेकिन उप पंजीयक दफ्तरों पर लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें आ रही हैं। राजस्व मामलों के जानकारों की मानें तो संपदा-2 सॉफ्टवेयर आने के बाद ऐसे बहुत ही कम कारण हैं, जिनके चलते रजिस्ट्रियों को होल्ड किया जाए। वहीं दूसरी ओर प्रशासन के पास प्रदेश के कई जिलों पर उपपंजीयक कार्यालयों पर भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें पहुंचती रहीं।
होल्ड करने के बनाए गए हैं नियम