जमीन विवाद मे  मारपीट कर हाथ तोड़ने वाले 5 आरोपी को 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास

नीमच।  न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, श्रँखला न्यायालय, रामपुरा, जिला-नीमच द्वारा जमीन विवाद के कारण कुल्हाड़ी, लकड़ी एवं लातघूंसों से मारपीट कर आहत गोपाल का हाथ तोड़ने वाले एक महिला सहित कुल 05 आरोपीगण (1) रामनारायण पिता नानालाल गुर्जर, उम्र-67 वर्ष, (2) दशरथ पिता देवराम गुर्जर, उम्र-31 वर्ष, (3) लालाराम पिता देवराम गुर्जर, उम्र-33 वर्ष, (4) दयाराम उर्फ देवराम पिता नानालाल गुर्जर, उम्र-62 वर्ष एवं (5) केशरबाई पति गंगाराम गुर्जर, उम्र-65 वर्ष, सभी निवासीगण-ग्राम भगोरी, थाना रामपुरा, जिला-नीमच को धारा 325/34 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 02-02 वर्ष के सश्रम कारावास 500-500 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में शासन की और से पैरवी करने वाले सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी  अरविंद थापक द्वारा ने  बताया कि फरियादीया सुंदरबाई ने थाना रामपुरा में उपस्थित होकर बताया कि दिनांक 26.04.2016 को शाम करीब 04.30 बजे इंदरसिह अपने साथी कन्हैयालाल को लेकर खेत पर आया था, जहाँ पर मजदुर गोपाल व भेरूलाल तथा उसके दोनों लड़के प्रदीप व सतीश भी खेत पर थे। इंदरसिह आकर अपने ट्रेक्टर से खेत बोने का काम कर रहा था कि खेत पर आरोपीगण आये और जमीन की बात को लेकर उन सबके साथ विवाद करने लगे व कुल्हाड़ी, लकड़ी व लात-घूंसों से मारपीट करने लगे, जिस कारण से गोपाल के बाये हाथ में गंभीर चोट आना होकर उसका फ्रैक्चर हो गया था। घटना के समय आस-पास के खेत वालों ने आकर बीच-बचाव किया था। फरियादीया की रिपोर्ट पर से अपराध पंजीबद्ध कर आवश्यक अनुसंधान के उपरांत अभियोग-पत्र रामपुरा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।विचारण के दौरान अभियोजन की और से सभी महत्वूपर्ण साक्षीगण की साक्ष्य माननीय न्यायालय के समक्ष करवाई गई। प्रकरण में महत्वपूर्ण साक्षी गोपाल का कोई पता न चलने से उसकी साक्ष्य माननीय न्यायालय के समक्ष नहीं करवाई जा सकी, किन्तु उसके साथ हुई मारपीट के कारण उसको आई गंभीर चोटो को अन्य साक्षीगण की साक्ष्य से प्रमाणित करावाया गया। इसके अतिरिक्त आहत इंदरसिंह द्वारा भी आरोपीगण से विचारण के दौरान राजीनामा कर लिया गया, इसके उपरांत भी सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण कोे उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया तथा अर्थदण्ड की राशि में से 2500रूपये प्रतिकर के रूप में आहत गोपाल को प्रदान किये जाने का आदेश भी पारित किया गया।
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