जनसंपर्क विभाग ने बिंदुवार मामले को असत्य,भ्रामक बताते हुए दावा और सच को रखा आरोप पर संभाग स्तर से जांच के पहले प्रशासन का भ्रामक होने का दावा देवास तहसील से लेकर संभाग तक प्रशासनिक गुत्थमगुत्था स्थिति,5 सदस्यीय समिति को लेकर उठे सवाल

 

भोपाल/देवास/उज्जैन। देवास जिला मुख्यालय से लगे ग्राम चंदाना में चालू माह में मौतों के सिलसिले को लेकर सोश्यल मिडिया से उठे मुद्दे पर विपक्ष कांग्रेस गांव पहुंची एवं प्रभावितों से जानकारी लेकर  आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को लेकर जिला प्रशासन ने भ्रामक होने का दावा किया है। मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग ने मौतों का विवरण देते हुए इसे असत्य और भ्रामक बताते हुए दावा और सच के साथ प्रसारित किया। बात यहीं नहीं रूक रही है इस मामले पर संभाग से अलग-अलग अधिकारियों की 5 सदस्यीय समिति बनाकर उससे अगले 15 दिनों में जांच करवाई जा रही है। इससे आरोपों के बीच प्रशासनिक दावा गुत्थम गुत्था हो रहा है।अक्टूबर माह के प्रथम पखवाडे में देवास जिला मुख्यालय से कुछ किलोमीटर दूर ग्राम चंदाना में हुई करीब एक दर्जन मौतों को लेकर सोश्यल मिडिया पर मुद्दा उठा। इसे जहरीली शराब सेवन से मौतें होना बताया गया। इस मामले मे विपक्ष कांग्रेस भी गांव पहुंची और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और देवास जिला प्रशासन को प्रदेश कांग्रेस मुखिया जीतू पटवारी ने शनिवार को हासिए पर लेते हुए सवाल दागे। शनिवार को ही देवास प्रशासन की और से एसडीएम अभिषेक शर्मा ने पूरे मामले को तथ्यहीन एवं भ्रामक करार देते हुए अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की नागरिकों से अपील कर दी। शनिवार को ही मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग ने पूरे मामले में आरोपों को सिलसिलेवार रखते हुए असत्य,भ्रामक बताया और दावा और सच को रखा।ऐसे रखा जनसंपर्क विभाग ने दावा और सच -ग्राम चंदाना में जहरीली शराब से मौतों का भ्रामक दावा, अफवाहों पर ध्यान न दें नागरिक।1 से 15 अक्टूबर के मध्य सामान्य बीमारियों, वृद्धावस्था व स्वास्थ्यगत कारणों से हुईं 10 मौतें, पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि भी नहीं।सोशल मीडिया पर देवास के ग्राम चंदाना में जहरीली शराब के सेवन से 15 से 20 व्यक्तियों की मृत्यु होने संबंधी प्रसारित की जा रही खबरों असत्य और भ्रामक हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गांव में दर्ज हुई मौतें जहरीली शराब के कारण नहीं बल्कि वृद्धावस्थाजनित कारणों, सामान्य बीमारियों, ब्रेन हेमरेज एवं अत्यधिक शराब के सेवन से हुई हैं।दावा: जहरीली शराब पीने से 15 से 20 ग्रामीणों की मृत्यु हुईसच: 1 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच ग्राम चंदाना में कुल 10 मृत्यु दर्ज हुई हैं। इनमें से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु जहरीली शराब से नहीं हुई है।दावा: गांव में जहरीली शराब की आपूर्ति की गई।सच: जांच के दौरान जब्त की गई शराब वैध व लाइसेंसी दुकानों की है। रासायनिक परीक्षण एवं पोस्टमार्टम में किसी भी प्रकार के जहर की पुष्टि नहीं हुई है।दावा: जहरीली शराब पीने से कई लोग अस्पतालों में भर्ती हैं।सच: जिले अथवा आसपास के किसी भी स्वास्थ्य केंद्र व अस्पताल में जहरीली शराब के सेवन, दृष्टि दोष या विषाक्तता से संबंधित एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है।1 से 15 अक्टूबर के मध्य दर्ज 10 मौतों का वास्तविक विवरण निम्नानुसार है: वृद्धावस्था व सामान्य कारणों से निधन (5 व्यक्ति):* श्रीमती तेजुबाई एवं श्रीमती सुखबाई (उम्र 70 वर्ष से अधिक) का निधन प्राकृतिक कारणों से हुआ। वहीं श्री लखन सिंह, श्री बालू सिंह एवं श्री मोहन जारोला (उम्र 65 वर्ष से अधिक) का निधन सामान्य स्वास्थ्यगत कारणों व वृद्धावस्था के चलते हुआ।आकस्मिक व अन्य स्वास्थ्य कारणों से मृत्यु (3 व्यक्ति): श्री सुनील चौधरी की मृत्यु नेमावर में ब्रेन हेमरेज होने के कारण हुई। इसके अतिरिक्त श्री दिलीप एवं श्री राहुल की मृत्यु खेत में कार्य करते समय आकस्मिक कारणों से हुई; परिजनों व ग्रामीणों के अनुसार घटना दिवस पर उनके द्वारा शराब का सेवन नहीं किया गया था। दीर्घकालिक बीमारी व अत्यधिक शराब सेवन (2 व्यक्ति): श्री ओमप्रकाश (35 वर्ष) एवं श्री भीमा पिता काशीराम (60 वर्ष) दोनों पूर्व से अस्वस्थ थे। मजदूरी करने वाले इन दोनों व्यक्तियों की मृत्यु पूर्व की बीमारियों और अत्यधिक शराब पीने की आदत के चलते स्वास्थ्य बिगड़ने से हुई।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही तथ्यहीन और सनसनीखेज अफवाहों पर विश्वास न करें।एसडीएम अभिषेक शर्मा पूर्णत: भ्रामक बताया-देवास एसडीएम अभिषेक शर्मा का जनसंपर्क विभाग ने विडियों जारी किया है। जिसमें वे प्रारंभिक स्तर पर ही खबर को पूर्णत: भ्रामक बता रहे हैं। शनिवार को जारी अपने विडियो बयान में श्री शर्मा ने कहा कि चंदाना में कुछ भ्रामक खबर अभी संज्ञान में आई थी कि वहां पर जहरीली शराब का सेवन करने से कुछ लोगों की मृत्यु हुई है।खबर पूर्णतःभ्रामक है।पिछले इस अक्टूबर माह में चंदाना में कुछ लगभग 10 लोगों की मृत्यु हुई है।इनमें से दो महिलाएं बुजुर्ग महिलाएं हैं जो 70 साल से अधिक उम्र की हैं।उनकी नेचुरल डेथ हुई है और इसके अलावा तीन पुरुष ऐसे हैं जो 65 साल सेअधिक उम्र के हैं।उनकी भी नेचुरल डेथ हुई है।एक वहां सुनील नाम के व्यक्ति की भी डेथ हुई थी जो अपने परिवार के साथ नेमावर में स्नान के लिए गया था और वहां स्नान के दौरान उसकी तबीयत खराब हुई जो बाद में उसे hospital ले जाया गया।जहां ब्रेन हेमरेज से उसकी डेथ हुई थी। इसकेअलावा दो लोगों की और जो डेथ हुई थी, राहुल और दिलीप करके जो है वह गांव में अपने खेत में काम कर रहे थे। उनके द्वारा भी शराब का सेवन नहीं किया गया।वहां उनकी death हुई ।एक ओमप्रकाश नाम के व्यक्ति की death हुई है। उसका पोस्टमार्टम भी कराया है और उसके पोस्टमार्टम में भी ऐसा कोई नहींआया है।इसकेअलावा शहर में भी कहीं hospitals में जहरीली शराब का सेवन करके लोगों के admit होने या ऐसी कोई भी तथ्य संज्ञान में नहींआया।ऐसी कोई भीघटना नहीं हुई है तो यह जो खबर है, यह पूर्णतःभ्रामक खबर है। लोगों की जो मृत्यु हुई है वह अधिक उम्र में नेचुरल डेथ होने के कारण या ब्रेन हेमरेज और अन्य कारणों से नहीं है। इस तरह से कोई पुष्टि नहीं हुई है और आप भी देखेंगे।आप आपने भी देखा होगा कि यहां पूरे जिले में, शहर में, hospitals में ऐसेcases नहीं आए हैं।कहींपर भी जहां पर कि ऐसा कुछ सेवन करने से लोग लोगों की तबीयत खराब हुई हो, अचानक से और उनको admit कराया गया हो।कुछ महिलाएं जैसे मैंने आपको बताया, उनकीउम्र ज्यादा थी। 70 साल सेअधिक की थी या दो तीन पुरुष जो है वह 65 साल से अधिक उम्र के थे। उनकी नेचुरल डेथ हुई। यह खबर जो है भ्रामक खबर है।उज्जैन संभागायुक्त ने गठित किया जांच दल-देवास में मौतों पर आरोप के बीच देवास प्रशासन एवं जनसंपर्क विभाग के भ्रामक होने का दावा किए जाने के बाद शनिवार देर रात संभागायुक्त उज्जैन आशीषसिंह ने मामले में 5 सदस्यीय जांच दल गठित करते हुए उससे 15 दिनों में जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच दल में संभाग के अलग अलग जिलों के प्रशासन एवं पुलिस के साथ चिकित्सा अधिकारी शामिल किए गए हैं। जांच आदेश में उल्लेखित किया गया है कि समाचार पत्रों के माध्यम से संज्ञान में आया है कि जिला देवास के ग्राम चंदाना एवं बिंजाना में विगत एक माह के भीतर कुछ व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। उक्त घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए मृत्यु के कारणों, परिस्थितियों एवं अन्य संबंधित तथ्यों की विस्तृत जांच किया जाना आवश्यक है। घटना की जांच हेतु अपर कलेक्टर उज्जैन प्रथम कौशिक, (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में रामस्नेही मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (गरोठ) मंदसौर सदस्य, लेखराज मीणा, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, सैलाना रतलाम सदस्य,हर्षवर्धन राय, उप आबकारी आयुक्त, संभागीय उडनदस्ता उज्जैन सदस्य,डॉ. दीपक कुमार पिप्पल, क्षेत्रीय संचालक, लो.स्वा. एवं चिकि.शि उज्जैन सदस्य  अधिकारियों का दल गठित किया गया है। उक्त जांच अधिकारी निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कर तथ्यात्मक प्रतिवेदन 15 दिवस में अधोहस्ताक्षरकर्ता को प्रस्तुत करेंगे।पटवारी एवं यादव पहुंचे थे गांव-देवास के ग्राम चंदाना और बिजाना में हुई संदिग्ध मौतों के मामले में शनिवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने गांव में अलग-अलग घरों में जाकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली थी। परिजनों ने उन्हें शराब पीने के बाद आंखों में धुंधलापन, रोशनी चले जाना, घबराहट और उल्टी जैसी शिकायतें सामने आ रही थीं। कई लोगों की अस्पताल ले जाने के दौरान, अस्पताल में और कुछ की रास्ते में ही मौत होने की जानकारी दी थी। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में डायरी सिस्टम पर शराब बेची जा रही है, जिसके कारण ये मौतें हुई हैं। ग्रामीणों से मिलने के बाद जीतू पटवारी देवास कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने प्रभारी कलेक्टर दलीप कुमार, एडीएम शोभाराम सोलंकी, एसडीएम अभिषेक शर्मा और तहसीलदार हरिओम ठाकुर से पूरे मामले की जानकारी ली। कांग्रेस पार्टी ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, जिस वजह से मौतों का आंकड़ा बढ़ा है।ऐसे गुत्थम- गुत्था मामला-देवास के प्रशासनिक अधिकारी मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आने की जानकारी भी दे रहे हैं और यह पूरे मामले में असत्य एवं भ्रामक होने का दावा भी उनके द्वारा किया जा रहा है। यही नहीं लोक हित के प्रसारण जारी करने वाला विभाग जनसंपर्क भी पूरे मामले में दावा और सच के आधार पर मृतकों की स्थिति को रख रहा है। तमाम दावा,असत्य,भ्रामक एवं सच के बाद में संभागीय स्तर से जांच समिति बनाई जाती है। सवाल यह उठ रहा है कि जब असत्य,भ्रामक का दावा शासन स्तर की बडी एजेंसी से ही किया जा चुका है तो फिर संभागीय स्तर से गठित जांच समिति की जांच ही कटघरे में देखी जाएगी।

 

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