उज्जैन। सूरत से नई दिल्ली जा रही ट्रेन में सफर कर रही गर्भवती महिला को न सिर्फ चलती ट्रेन में सुरक्षित प्रसव हुआ, बल्कि रेलवे स्टाफ और सह-यात्रियों की तत्परता से मां और नवजात बच्ची को समय पर चिकित्सीय सहायता भी मिल सकी। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा और मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की है। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।मिली जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 12925 (पश्चिम एक्सप्रेस) जब रतलाम से खाचरोद के बीच दौड़ रही थी, तभी कोच संख्या S-6 के शौचालय में एक महिला यात्री को अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा हुई और उन्होंने वहीं एक नवजात बच्ची को जन्म दे दिया। शौचालय में प्रसव की सूचना मिलते ही बोगी में हड़कंप मच गया। सह-यात्रियों द्वारा घटना की जानकारी दिए जाने के तुरंत बाद ट्रेन में तैनात रेलवे कर्मचारी बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे। घटना की गंभीरता को देखते हुए फौरन रतलाम के CMI/CCO को सूचित किया गया। कोच में मौजूद अन्य यात्रियों के सहयोग से तुरंत सूती कपड़े और कंबल की व्यवस्था की गई, ताकि नवजात और मां को संक्रमण व ठंड से बचाया जा सके।ट्रेन के खाचरोद पहुंचने से पहले ही वहां के ऑन-ड्यूटी स्टेशन मास्टर और रेलवे स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया था। जैसे ही ट्रेन खाचरोद रेलवे स्टेशन पर रुकी, रेलवे कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए प्रसूता महिला, उनकी नवजात बच्ची और उनके ससुर को सुरक्षित कोच से नीचे उतारा। स्टेशन पर पहले से की गई तैयारियों के चलते बिना देरी किए दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय उपचार के लिए भेजा गया। फिलहाल मां और बच्ची दोनों सुरक्षित और स्वस्थ बताए जा रहे हैं।