उज्जैन। शहर के बडा सराफा में अडिग खडे हनुमान जी के यहां श्रद्धालुओं की कतार बढती चली जा रही है। बुधवार को भी यहां बडी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते रहे। यहां तक की बाहर से श्री महाकालेश्वर दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु भी यहां जुटने लगे हैं। इधर खडे हनुमान मंदिर के पुजारी महेश बैरागी ने विस्थापन के स्थल को लेकर कहा कि अब वहां नहीं जाना है वो मेरा निर्णय था। अब समग्र सनातन समाज निर्णय करेगा।
कंठाल से गोपाल मंदिर के बीच छत्री चौक के समीप खडे हनुमान जी की विशाल 8 फीट प्रतिमा निरंतर 6 दिनों से केनोपी बरसात रहित टेंट के अंदर है। उनकी बराबर पूजा अर्चना का क्रम चल रहा है। इस दौरान जैसे जैसे सोश्यल मिडिया एवं प्रचार माध्यमों में खडे हनुमान के विस्थापन में असफलता की स्थिति सामने आ रही है वैसे –वैसे यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढती जा रही है।
जो भी होगा समग्र समाज के निर्णय से –
प्रतिमा के वर्तमान स्थापन दक्षिणमुखी एवं विस्थापन में छत्रीचौक पुरानी पानी की टंकी के स्थल पर उततर मुखी को लेकर पुजारी श्री बैरागी से जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि अब प्रतिमा कहीं नही जाना है वो मेरा निर्णय था और अब समग्र सनातन समाज इसका निर्णय करेगा। जब उनसे पूछा गया कि पुरातन काल में प्रतिमा स्थापना यंत्र,तंत्र,और मंत्र आधारित होती थी ऐसे में इस प्रतिमा की स्थापना किस पद्धति पर है तो उनका कहना था कि मेरे पास मंदिर के दस्तावेज मेरे पुर्वजों के पक्ष के हैं। पूर्व समय में प्रतिमा स्थापना में सोना –चांदी भी डाले जाते थे,मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रतिमा की स्थापना किस पद्धति की है। अब प्रतिमा दक्षिण मुखी ही रहना है और वहीं रहेगी।
महाकाल आने वाले श्रद्धालु भी पहुंच रहे दर्शन को-
अडिग खडे हनुमान के दर्शन करने कतार में लगे जसलोक दसई कानपूर से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे श्री महाकालेश्वर दर्शन के लिए उज्जैन आए थे। सोश्यल मिडिया पर जानकारी लगी की यहां कोई खडे हनुमान की प्रतिमा को प्रशासन हटाने के कई प्रयास कर चुका है और प्रतिमा टस से मस नहीं हो रही है तो कोतुहल भगवान के दर्शन करने यहां परिवार जनों के साथ आए और दर्शन किए हैं। बुधवार को 6ठे दिन भी तोडे गए मंदिर और यहां सुरक्षा के लिए बडी संख्या में पुलिस गार्ड लगी रही। इसके साथ ही हिन्दुवादी संगठन के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। मंदिर के सामने श्रद्धालुओं की कतार को नियंत्रित करने के लिए बेरिकेडस लगाए गए हैं और उसी में श्रद्धालुओं की कतार को चलाकर खडे हनुमान के दर्शन करवाए जा रहे हैं। कुछ लोग यहां झाडनी भी डलवा रहे हैं और ताबीज भी प्राप्त करते हुए धागा भी बंधवा रहे हैं।
प्रदेश ही नहीं देश की राजधानी तक पहुंचा मामला-
इधर बुधवार दोपहर के बाद से इस पूरे मामले में गर्मी आ गई है। भोपाल से लेकर दिल्ली तक पूरा मामला गर्माया हुआ है। मामले को हर स्तर से आंका जा रहा है। राजनैतिक,प्रशासनिक,सामाजिक,पुलिस,स्तर पर जानकारियां जुटाई जा रही है। नगर निगम से अब तक किए गए प्रयासों को लेकर भी पुरी रिपोर्ट ले ली गई है। आंतरिक रूप से माहौल के एक दम गर्माने की स्थिति का भी आकलन किया जा रहा है। अधिकारिक स्तर पर प्रमुख अधिकारियों की बैठक राजधानी से ली जा रही थी। देर शाम तक मामले से जुडे सभी तथ्यों का विश्लेषण किये जाने की स्थिति भी सामने आ रही थी।
तकनीकी महाविद्यालय की रिपोर्ट पहुंची…!-
इधर बुधवार को नगर निगम के गलियारों में यह बात सामने आने लगी की मंगलवार को एसजीएस आईटीएस एवं आईआईटी की टीम उज्जैन पहुंची थी। टीमों ने स्थल पर सामान्य रूप से पहुंचकर जानकारी जुटाई है। आईआईटी इंदौर की टीम कुछ विशेष तथ्य नहीं जूटा सकी है लेकिन एसजीएस आईटीएस की टीम ने एक पूरी मानक संचालन प्रक्रिया ( एसओपी ) बनाकर नगर निगम को भेज दी है। उसके अनुसार ही आगे कार्रवाई की जाना प्रस्तावित किया गया है। सूत्रों का कहना है कि एसओपी के तहत प्रतिमा के दो और गड्ढों को अंजाम देकर पुरी स्थिति से अवगत होकर आगे की प्रक्रिया को बढा जाना ही बेहतर होगा।