गुना। कुंभराज स्थित शराब दुकान में आगजनी की घटना का गुना पुलिस ने महज चार घंटे में खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार, आगजनी में दुकान में रखे तीन फ्रीज, बीयर और शराब जलने से करीब चार लाख रुपये का नुकसान हुआ।
दरअसल पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के नेतृत्व में जिले में अपराधों की रोकथाम एवं आपराधिक घटनाओं के त्वरित खुलासे के लिए कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन और एसडीओपी चाचौड़ा मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में कुंभराज थाना प्रभारी निरीक्षक अमित अग्रवाल एवं उनकी टीम ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग-पुलिस के मुताबिक, बीती रात करीब 3:40 बजे कुंभराज स्थित शराब दुकान में अज्ञात व्यक्ति ने आग लगा दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच के दौरान एक सफेद रंग की कार से संबंधित महत्वपूर्ण सुराग मिले। कार के साइड में काली फिल्म और नंबर प्लेट पर नीले रंग का चिह्न उसकी पहचान के प्रमुख आधार बने। इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की और घटना के करीब चार घंटे के भीतर कार चालक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम संदीप मीणा, पिता फूल सिंह मीणा, निवासी कुंभराज, जिला गुना बताया।
कार से मिली पेट्रोल की खाली बोतल-पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान कार से पेट्रोल की एक खाली बोतल मिली। वाहन का पंजीयन क्रमांक MP13 CB 7016 पाया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने शराब दुकान में आग लगाने की बात स्वीकार की। हालांकि, घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और साक्ष्यों की जांच अभी जारी है। शराब दुकान के मैनेजर की रिपोर्ट पर कुंभराज थाने में अपराध क्रमांक 207/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 326(जी) में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका-उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अमित अग्रवाल, उपनिरीक्षक होतम सिंह बघेल, सहायक उपनिरीक्षक सीताराम एवं कैलाशनारायण जटिया, प्रधान आरक्षक सलीम खान एवं यशवंत सिंह धाकड़, आरक्षक सतेंद्र रावत, सुनील धाकड़, आलम, दिलीप साहू, धर्मवीर, अवनीश जाट एवं दिलीप धाकड़ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, सीसीटीवी कंट्रोल रूम से सहायक उपनिरीक्षक भूपेंद्र सिंह सेंगर एवं आरक्षक ओमचरण कुशवाह ने भी सहयोग रहा।