किसानों के शेडो पर व्यापारियों का माल, सड़क पर भी कब्जा!फिर सवाल उठने लगेसवाल …….

जीरापुर।राजगढ़ जिले की प्रमुख कृषि उपज मंडियों में शामिल जीरापुर कृषि उपज मंडी में व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। किसानों की सुविधा के लिए बनाए गए शेडों में व्यापारियों का माल रखा हुआ है, वहीं मंडी परिसर की सड़क भी माल रखने के उपयोग में ली जा रही है। पूर्व में भी इस समस्या को समाचार पत्रों के माध्यम से उठाया गया था। इसके बाद जांच हुई और कुछ समय तक व्यवस्था में सुधार भी दिखाई दिया, लेकिन अब हालात फिर पहले जैसे नजर आने लगे हैं। ऐसे में सवाल है कि आखिर बार-बार सामने आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पा रहा है?मंडी परिसर में किसानों के लिए बनाए गए शेडों और सड़क पर व्यापारियों का माल रखे होने के संबंध में जब मंडी सचिव से सवाल किया गया, तो स्पष्ट जानकारी मिलने के बजाय गोलमोल जवाब मिला। वहीं, मंडी के गोदामों की व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चाएं बनी हुई हैं। किसानों की उपज की आवक और मंडी में उनकी आवाजाही को देखते हुए शेडों तथा सड़कों का व्यवस्थित रहना जरूरी है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मंडी प्रशासन इस स्थिति को सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।

*अकाउंटेंट की अनुपस्थिति पर भी सवाल*।-गुरुवार को मंडी कार्यालय में अकाउंटेंट की अनुपस्थिति का मामला भी सामने आया। संवाददाता कार्यालय पहुंचे तो अकाउंटेंट अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे। उनके बारे में पूछने पर कर्मचारियों से भी तत्काल स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि अकाउंटेंट दोपहर करीब 12:15 बजे से कार्यालय में नहीं हैं। दोपहर 2:30 बजे तक उनके नहीं लौटने पर संवाददाता ने मंडी सचिव से जानकारी चाही।इस पर सचिव ने कभी अकाउंटेंट के बैंक जाने तो कभी लंच पर होने की बात कही। बताया गया कि सचिव ने स्वयं भी उन्हें तीन बार फोन लगाया। इसके करीब आधे घंटे बाद अकाउंटेंट कार्यालय पहुंचे। इस घटनाक्रम के दौरान उनकी अनुपस्थिति का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका। ऐसे में कार्यालयीन व्यवस्था और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार की जरूरत।

जीरापुर कृषि उपज मंडी क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में मंडी परिसर में किसानों के लिए निर्धारित शेडों में व्यापारियों का माल रखा होना, सड़क पर माल का जमाव और कार्यालयीन व्यवस्थाओं से जुड़े सवाल गंभीरता से ध्यान देने योग्य हैं। पूर्व में समस्या उठने और जांच होने के बाद भी यदि स्थिति दोबारा बन रही है, तो केवल अस्थायी सुधार से काम नहीं चलेगा। मंडी प्रशासन को व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी कर किसानों के हित में ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि मंडी की पहचान और व्यवस्थाएं बनी रहें।

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