ओंकारेश्वर नहर में पानी नहीं, किसान परेशान; भारतीय किसान संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी……

मनावर। कम वर्षा के कारण खेतों में सिंचाई के लिए पानी की जरूरत बढ़ गई है, लेकिन ओंकारेश्वर नहर परियोजना के चरण क्रमांक 3 और 4 में पानी नहीं पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ रही है। किसानों की समस्याओं और नहर परियोजना से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ जिला मनावर ने कृषि उपज मंडी में प्रेस वार्ता आयोजित की। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि 30 अक्टूबर 2026 तक समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू किया जाएगा।भारतीय किसान संघ ने नहरों में पानी पहुंचाने, टेल क्षेत्र तक सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने, नहरों की सफाई और रखरखाव, पाइपलाइन की गुणवत्ता की जांच तथा किसानों को स्थायी बिजली कनेक्शन देने सहित कई मांगें उठाईं। संघ ने परियोजना के निर्माण और रखरखाव में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
*29 उपभोक्ता संस्थाएं, लेकिन न फंड और न फील्ड नेटवर्क-संघ के अनुसार, मनावर डिविजन में कुल 29 उपभोक्ता संस्थाएं कार्यरत हैं, लेकिन इनके पास न तो पर्याप्त फंड है और न ही कोई प्रभावी फील्ड नेटवर्क। इसके कारण नहरों के संचालन, रखरखाव और किसानों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने में परेशानियां आ रही हैं। संघ ने कहा कि नहर परियोजना के बेहतर संचालन के लिए उपभोक्ता संस्थाओं को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि किसानों को समय पर पानी मिल सके।
चरण 3 व 4 की पाइपलाइन की गुणवत्ता की जांच की मांग-भारतीय किसान संघ ने ओंकारेश्वर नर्मदा प्राधिकरण क्रमांक 30 से संयुक्त नहर परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण करने की मांग की है। संघ का कहना है कि चरण क्रमांक 3 और 4 में डाली जा रही पाइपलाइन की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। साथ ही, पाइपलाइन कार्य में खर्च की गई राशि और संबंधित कंपनी के एस्टीमेट की भी जांच हो, ताकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और व्यय की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
संघ ने मेन केनाल और माइनर नहरों के रखरखाव में कथित लापरवाही की जांच कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा, चरण क्रमांक 4 की मेन केनाल से किसानों को कनेक्शन नहीं मिलने के मामले की जांच कर पात्र किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही।
परियोजना समिति का गठन अब तक नहीं होने पर सवाल-संघ ने नहर परियोजना के संचालन और रखरखाव में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए परियोजना समिति का गठन करने की मांग की। संघ के अनुसार, किसानों की समस्याओं के समाधान और सिंचाई व्यवस्था की निगरानी के लिए समिति का गठन आवश्यक है, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।भारतीय किसान संघ ने मांग की कि नहरों की नियमित सफाई और रखरखाव की व्यवस्था बनाई जाए, टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचाने की जवाबदेही तय हो तथा परियोजना से जुड़े निर्णयों में किसानों को शामिल किया जाए।
*स्थायी बिजली कनेक्शन भी मिले-नहरों से सिंचाई का पानी नहीं मिलने के कारण परेशान किसानों को वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसे में संघ ने किसानों को सिंचाई के लिए स्थायी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि किसान जरूरत के अनुसार अपनी फसलों की सिंचाई कर सकें।
भारतीय किसान संघ ने संबंधित विभाग और प्राधिकरण से सभी मांगों पर समयसीमा में कार्रवाई करने की अपील की है। संघ ने दोहराया कि 30 अक्टूबर तक समाधान नहीं होने पर 3 नवंबर 2026 से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। अब देखना होगा कि निर्धारित समयसीमा में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं।
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