बहुप्रतिक्षित नई अफीम नीति घोषित, 10 हजार से अधिक नए किसान जुड़ेंगे

मन्दसौर। अफीम काश्तकार नई अफीम नीति 2026-27 का लम्बे समय से इंतजार कर रहे थे। 23 अक्टूबर को भारत सरकार के राजपत्र में वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी कर नई अफीम नीति की घोषणा कर दी है। इस नीति में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिससे 10 हजार से अधिक नए किसान अफीम की खेती से जुड़ सकेंगे।नई अफीम नीति के बारे में सांसद सुधीर गुप्ता ने बताया कि चीरा पद्धति में पिछले वर्ष 4.4 से अधिक मॉर्फिन औसत वाले पात्र किसानों को 10 आरी का लाइसेंस मिलेगा। वहीं, सीपीएस पद्धति के तहत 3.0 से 4.4 मॉर्फिन औसत या 800 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से अधिक पोस्त भूसा जमा करने वाले किसानों को 5 आरी का लाइसेंस दिया जाएगा। इसके अलावा, 1998-99 से 2002-03 तक के किसानों के लिए मॉर्फिन औसत मानक में 2 किलोग्राम की छूट दी गई है, जिससे नए किसानों को भी मौका मिलेगा। सीपीएस पद्धति में पांच फसल वर्षों के लिए एकमुश्त लाइसेंस देने और वास्तविक खेती के क्षेत्र में 5 प्रतिशत तक की छूट देने के प्रावधान से किसानों को बड़ी राहत मिली है।किसानों की मुश्किलें बढेगी- दूसरी ओर, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने नई अफीम नीति की शर्तों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि 4.4 किलोग्राम मॉर्फिन की पात्रता और अगले वर्ष के लिए 5.9 किलोग्राम के कड़े लक्ष्य से किसानों की मुश्किलें बढ़ेंगी। उन्होंने मांग की है कि प्राकृतिक आपदा और मौसम की अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए सरकार को मॉर्फिन और सीपीएस पद्धति की उपज संबंधी शर्तों की समीक्षा करनी चाहिए ताकि किसानों की आजीविका सुरक्षित रह सके।

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