ऐतिहासिक मैदान बचाने को लेकर  विवाद के बाद अब लगातार बढ रहा विरोध 

नीमच। शहर के मध्य हायर सैकेंडरी स्कूल क्र-2 के ऐतिहासिक मैदान बचाने को लेकर  विवाद के बाद अब लगातार विरोध  बढ रहा है। भारतमाता चौराहे पर खेल मैदान बचाओ समिति का धरना मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन में अब खेल जगत की सक्रिय भागीदारी सामने आने लगी है। मंगलवार को नीमच  क्रिकेट टीम धरना स्थल पर सम्मिलित होकर मैदान कोबचाने की मांग का समर्थन किया है ।मंगलवार को नीमच पैंथर्स क्रिकेट टीम ने मैदान बचाओ समिति के धरने में खिलाड़ियों ने मैदान को सुरक्षित रखने मांग को लेकर अपना समर्थन दर्ज कराया। आंदोलनकारियों का कहना है कि हायर सैकेंडरी का यह मैदान वर्षों से खेल मनीष वर्मा के नेतृत्व में सहभागिता की।  यह मैदान खेल गतिविधियों का केंद्र रहा है और इसके स्वरूप में बदलाव का सीधा असर स्थानीय खिलाड़ियों पर पड़ेगा। उनका कहना है कि बच्चों और युवाओं के लिए शहर में पहले से उपलब्ध खेल संसाधन सीमित हैं, इसलिए मौजूद मैदान को किसी दूसरे उपयोग में बदलने के बजाय खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखना आवश्यक है। इसी मुद्दे को है। इसी मुद्दे को लेकर समिति और खेलप्रेमी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं और उनका रुख स्पष्ट है कि मांग पूरी होने होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। मंगलवार को धरना स्थल पर डॉ. मुफीस अली, विनायक खंडेलवाल, आशीष समर्थक मौजूद रहे। उन्होंने आंदोलन अपनी सहभागिता दर्ज कराई। जिसमे केशव शर्मा, मोनी (प्रिंस) अहीर, सलीम भाई मंसूरी, डॉ.बी के मिश्रा, शाहिद खान और प्रदीप वर्मों सहित अन्य खेलप्रेमी व में बढ़ते निर्माण के बीच खुली जगह कीजरूरत-आंदोलनकारियों ने शहर में बढ़ती निर्माण गतिविधियों के बीच खुले स्थानों की कमी को प्रमुख मुद्दा बनाया है। उनका कहना है कि आबादी और निर्माण का विस्तार होने के साथ बड़े खुले क्षेत्र और महत्वपूर्ण हो जाते हैं। ऐसे स्थानों को बचाए रखना शहर की दीर्घकालीन जरूरतों में शामिल होना चाहिए।
पर्यावरणीय दृष्टि से भी अहम-खुले मैदान शहरी क्षेत्र में प्राकृतिक खुलापन बनाए रखने में मदद करते हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि घनी होती आबादी के बीच ऐसे स्थानों की उपयोगिता केवल खेल गतिविधियों तक नहीं रहती। खुले क्षेत्र नागरिकों को बेहतर पर्यावरण का वातावरण उपलब्ध कराने में भी भूमिका निभाते  हैं। ऐसे खेल मैदान आने वाली पीढ़ी के बच्चों के लिए अभी महत्वपूर्ण है l आंदोलन  समिति सदस्यों का कहना था कि मैदान जब तक सुरक्षित नहीं हो जाता है तब तक आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा l
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