स्व. श्री गोवर्धनलाल जी मेहता की 111 वीं जयंती पर आज ‘दा साब’ को ‘रक्तांजलि’ देने उमडेंगे शहर के रक्तदाता -वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ और उज्जयिनी रक्त संचार संस्था का कासमास माल में मेगा रक्तदान शिविर

-उज्जैन। शहर के दानी रक्तदाता रविवार को लोकप्रिय समाचार पत्र दैनिक अवंतिका अपने पितृपुरुष परमश्रद्धेय ‘दा साब’ पं. गोवर्धनलाल मेहता  की 111वीं जयंती के पावन अवसर पर उन्हें ‘रक्तांजलि’ देने उमडेंगे। कासमास माल में रविवार 26 जुलाई को  पूर्वान्ह् 11 बजे यह आयोजन होगा। वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ एवं उज्जयिनी रक्त संचार संस्था मानवसेवा का यह अनूठा आयोजन स्वैच्छिक रक्तदान शिविर से करने जा रहा है।दैनिक अवंतिका के संपादक संदीप मेहता ने बताया कि वर्तमान समय में बढती दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन, थैलेसीमिया तथा अन्य आपात परिस्थितियों में समय में रक्त की आवश्यकता पडना सामान्य बात हो चली है। ऐसे समय में रक्त की उपलब्धता को लेकर अक्सर लोगों को परेशान होते देखा गया है। इन सामाजिक परेशानियों को ध्यान में रखते हुए रक्तदान के प्रति आमजन को अधिक सक्रिय बनाने के उद्देश्य को साथ लेकर जागरूकता बढ़ाने और ब्लड बैंकों में पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।रक्तदान से अनेक लाभ-उज्जयिनी रक्त संचार समिति के अनुसार रक्तदान करना केवल दूसरों की मदद करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आपके स्वयं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का भी एक तरीका है। रक्तदान करने के अनेक स्वास्थ्य लाभ हैं। प्रत्येक दान के साथ एक निःशुल्क मिनी-स्वास्थ्य जांच हो जाती है इस व्यापक जांच में महत्वपूर्ण शारीरिक संकेतों की निगरानी और रक्त परीक्षण शामिल हैं, जिनसे संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की शीघ्र पहचान की जा सकती है। दाता स्क्रीनिंग प्रक्रिया के माध्यम से आप अपने स्वास्थ्य मापदंडों के बारे में जान सकते हैं।   नब्ज़ दर,रक्तचाप रीडिंग,हीमोग्लोबिन का स्तर, रक्त प्रकार इसमें शामिल है। शोध से पता चलता है कि नियमित रक्तदान करने वालों में स्ट्रोक का खतरा 88% कम होता है। ह्दय संबंधि मामलों में रक्तदान करने से रक्त की चिपचिपाहट और लौह स्तर को कम करके हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। प्रत्येक रक्तदान से लगभग 600-650 कैलोरी जलती है, क्योंकि हमारा शरीर दान किए गए रक्त को प्रतिस्थापित करने का काम करता है। ऐसे में वजन संबंधि समस्या से भी निजात पा सकते हैं। रक्तदान करने के 48 घंटों के भीतर आपका शरीर नई लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन शुरू कर देता है। यदि आपको आनुवंशिक हीमोक्रोमैटोसिस है, तो नियमित रूप से रक्तदान करने से वास्तव में आपको बेहतर महसूस करने और अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही, इससे आप किसी और की मदद भी कर पाते हैं। इससे मनोवैज्ञानिक लाभ होते हैं।आगे आकर ‘रक्तांजलि’ में शामिल हों-उज्जयिनी रक्त संचार समिति की ओर से सुनील गुप्ता, रूपेश बीडवान, अलका शर्मा एवं रितेश बोरिया तथा वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ की ओर से अभिलाष नागर, चैतन्य चौधरी, नरेंद्र सहगल, शेख जमील, अविनाश श्रीवास, अनिल देवड़ा, मुश्ताक खान एवं जी.आर. जरिया ने शहर के युवाओं, महिलाओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, कर्मचारियों एवं सभी जागरूक नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुँचकर स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की है। आयोजकों ने कहा कि रक्तदान महादान है। आपके द्वारा किया गया एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है। रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने सभी नागरिकों से इस पुनीत अभियान में सहभागी बनकर मानव सेवा के इस महायज्ञ को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए’ प्रेरित करने का आग्रह किया।रक्तदान कर नायक बनें-  हर तीन में से एक व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ेगी। यह किसी दुर्घटना, सर्जरी या कैंसर जैसी स्वास्थ्य समस्या के कारण हो सकता है। दानदाताओं जैसे दयालु सामुदायिक नायकों के बिना, रक्त की आवश्यकता वाले कुछ लोगों की मृत्यु हो सकती है। मानव रक्त का कोई विकल्प नहीं है, इसीलिए जो भी सक्षम है, उसके लिए रक्तदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज ही रक्तदान करके एक नायक बनें।दूसरों की मदद करना वाकई सुकून देता है।

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