नई दिल्ली। इसरो की इंडियन स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस रिपोर्ट-2025 के मुताबिक, पिछले साल भारत को अपने सैटेलाइट्स को सुरक्षित रखने के लिए बहुत सतर्कता बरतनी पड़ी। 2025 में इसरो के सैटेलाइट्स के लिए करीब डेढ़ लाख से ज्यादा अलर्ट जारी हुए। ये अलर्ट अमेरिकी स्पेस कमांड से मिले, जिनका विश्लेषण भारतीय वैज्ञानिकों ने अधिक सटीक आॅर्बिटल डेटा के साथ किया। ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि लो-अर्थ आॅर्बिट अब खतरनाक रूप से भीड़भाड़ वाला हो चुका है। अंतरिक्ष में मलबे के टकराने के खतरों से बचने के लिए इसरो को 18 बार कोलोजन अवॉइडेंस मैन्यूवर करना पड़ा। यह 14 बार एलईओ सैटेलाइट्स और 4 बार जियो स्टेशनरी सैटेलाइट्स के लिए किया गया।
स्पेस में 18 बार खतरे में आए भारतीय उपग्रह