राजगढ़-ब्यावरा।देश में महंगाई भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है परंतु केंद्र एवं राज्य सरकारे महंगाई का म बोलने को तैयार नहीं है। देश कर्ज में डूबा हुआ है और अंध भक्त पुन: सत्ता पाने के लिए अभी से साम दाम दंड भेद की नीति अपनाने लगे हैं। अंध भक्तों को यदि छोड़ दिया जाए तो शेष बचे लोगों को मंदिरों के दान-पात्र और वोटिंग मशीन का अंतर समझ में आने लगा है।सरकार की निरंकुश्ता को देखते हुए ऐसा प्रतीत होने लगा कि मानो देश में लोकतंत्र बचा ही नहीं, लोग अपने मौलिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार में नैतिक जिम्मेदारी नाम की कोई चीज बची ही नहीं है। लाखों छात्रों का भविष्य अब चौपट होता हुआ नजर आने लगा है। अंधों में काना राजा वाली कहावत अब धीरे-धीरे चरितार्थ होने लगी है। देश के भविष्य को लेकर लोगों को चिंता सताने लगी है। लोगों को अब जागरुक होने की आवश्यकता है।
राजगढ़ जिले में नशामुक्त समाज के निर्माण को लेकिन जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा। जिनमें करीब 4,700 नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं एवं महिलाओं को नशे के दुष्परिणामों के संबंध में जागरूक किया जा रहा मगर दुर्भाग्य की बात यह है कि जिला प्रशासन और आबकारी विभाग के द्वारा बस स्टेशन से लेकर रेलवे स्टेशन तक देशी व अंग्रेजी शराब के तकरीबन तीन ठेके खुलवा दिए गए जिनसे शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व की आय हो रही। ब्यावरा शहर में जगह-जगह देशी व अंग्रेजी शराब के ठेके और मातमंड मोहल्ले में गांजा अफीम स्मैक तथा अन्य मादक पदार्थों की अवैध बिक्री धड़ल्ले से हो रही जिसकी चपेट में आने से कई युवाओ और सामाजिक लोगों पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है उक्त अभियान के तहत प्रदेश सरकार लाखों रुपए खर्च कर लोगों को नशे से दूर रहने और अपने परिवार एवं समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प दिला रही वहीं शहर में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार धड़ले से संचालित हो रहे। प्रशासन द्वारा अनेक स्थानों पर नशामुक्ति की शपथ दिलाई जा रही। मगर विचारणीय प्रश्न यह है कि यदि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को ही बंद कर दिया जाए तो फिर सार्वजनिक स्थलों पर जन जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। राजगढ़ पुलिस आमजन से अनुरोध कर रही कि स्वयं नशे से दूर रहें, अपने परिवार एवं समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग दें तथा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार अथवा सेवन संबंधी सूचना तत्काल पुलिस को देकर एक सुरक्षित, स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनें।