उज्जैन। राजा हर्षवर्धन सिंह बैस की जयंती पर शहर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उज्जैन संभाग और बैस राजपूत समिति ग्राम मंगरोला पावासा के संयुक्त तत्वावधान में ‘क्षत्रिय गौरव शौर्य पराक्रम यात्रा’ निकाली गई। तेज बारिश के बावजूद सैकड़ों की संख्या में समाजजन और युवा पारंपरिक राजपूती वेशभूषा में शामिल हुए। यात्रा के बाद क्षीर सागर स्थित कार्यक्रम स्थल पर आयोजित विशाल राजपूत सम्मेलन में लव जिहाद के खिलाफ राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान चलाने, पाठ्यक्रमों में सुधार करने और राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने सहित कई अहम प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
इन मार्गों से गुजरी शौर्य यात्रा…
इन मार्गों से गुजरी शौर्य यात्रा, हुआ भव्य स्वागत
शौर्य यात्रा सामाजिक न्याय परिसर आगर रोड से प्रारंभ होकर चामुंडा माता, देवास गेट, मालीपुरा, दौलतगंज, फव्वारा चौक और नई सड़क होते हुए कार्यक्रम स्थल क्षीर सागर पहुंची। यात्रा में क्षत्रिय सरदार, क्षत्राणियां और युवा उत्साह के साथ चल रहे थे। शहर के विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों, राजनीतिक दलों, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों ने 35 से अधिक स्वागत द्वार और मंच बनाकर गुलाब की पंखुड़ियों से यात्रा का भव्य स्वागत किया।
सम्मेलन में लिए गए प्रमुख निर्णय और मांगें
शौर्य यात्रा के संयोजक और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उज्जैन संभाग के अध्यक्ष महेंद्र सिंह बैस ने बताया कि सम्मेलन में पूर्व के इतिहासकारों द्वारा समाज के बारे में फैलाई गई गलत जानकारियों पर रोष व्यक्त किया गया। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की गई है कि कक्षा 5वीं से 12वीं तक की पाठ्यपुस्तकों में उन राजपूत राजाओं का सम्मानजनक इतिहास प्रकाशित किया जाए, जिनका देश की आजादी और राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान रहा है। इसके अलावा सम्मेलन में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि लव जिहाद के खिलाफ पूरे देश में राजपूत समाज जन-जागरूकता अभियान चलाएगा।
शुजालपुर में एक करोड़ की लागत से लगेगी प्रतिमा
सम्मेलन के दौरान शाजापुर से पधारे अतिथियों ने घोषणा की कि शाजापुर जिले की शुजालपुर तहसील में एक करोड़ रुपए की लागत से बैस राजपूत समाज के कुल शिरोमणि राजा हर्षवर्धन सिंह बैस की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
वरिष्ठ जनों का हुआ सम्मान, ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ जनों और क्षत्राणियों का विशेष सम्मान कर उनका मान बढ़ाया गया। सम्मेलन को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भैरू सिंह चौहान, महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष उषा पवार और महामंत्री राधा चौहान ने संबोधित किया।
आयोजन में वरिष्ठ समाजसेवी अनूप सिंह राणा, विजय सिंह परिहार, बलबीर सिंह बैस, सदुल सिंह, महिला विंग की कार्यकारी अध्यक्ष आशा सेंगर, अनीता परिहार, जयसिंह राजपूत, राजेंद्र सिंह बैस, डॉ. जगदीश सिंह बैस, अशोक सिंह बैस, महेंद्र सिंह सेंगर और राजेंद्र सिंह चौहान विशेष रूप से उपस्थित थे।
इनके अलावा सम्मानित अतिथियों में कविता राय, अजय राय, पल्लवी शुक्ला, राजेंद्र सिंह बैस मंगरोला, राजपाल सिंह राजपूत, जय सिंह ठाकुर, जयेन्द्र सिंह चौहान, शैलेंद्र सिंह बैस, युवराज सिंह ठाकुर, विक्की प्रताप सिंह, अनिल सिंह बैस, रूप बसंत सिंह बैस, मनोज सिंह पटेल, श्रवण सिंह बैस, जितेंद्र सिंह बैस मंगरोला, शैलेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह पहलवान, देवेंद्र सिंह दिखत, अंकित सिंह बैस, विश्वेंद्र सिंह पवार, विजेंद्र सिंह पवार, शैलेंद्र सिंह तोमर, उपमा चौहान, वंदना बैस, आकांक्षा दिखत, धन सिंह चौहान, राजदीप सिंह ठाकुर, दीपक सिंह चंदेल, यशपाल सिंह पंवार, आलम सिंह राजपूत, हेमराज सिंह राजपूत, राजेंद्र सिंह चंदेल, लाखन सिंह राजपूत, जितेंद्र सिंह राजपूत, गोवर्धन सिंह राजपूत, चांद सिंह राजपूत, जितेंद्र सिंह बैस, मंगल सिंह बैस, संजय सिंह बैस निजातपुरा, नितिन सिंह गौतम और अजय सिंह गौतम प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन महेंद्र सिंह बैस ने किया तथा अंत में आभार मनीष सिंह बैस ने माना।