क्लाइमेट चेंज की आहटों के बीच देवास से सुखद स्थिति सामने आई अवैध उत्खन्न से बर्बाद शंकरगढ पहाडी पर नजर आई जंगली बिल्ली -ग्रीन आर्मी, युवाओं, संस्थाओं, वन विभाग, पुलिस-प्रशासन की संयुक्त मेहनत ने दिखाया रंग

उज्जैन। अवैध उत्खन्न के लिए कुख्यात देवास की शंकरगढ पहाडी से पर्यावरण एवं वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक सुखद खबर सामने आई है। इस पहाडी पर प्रकृति के पूर्नजन्म के रूप में वन क्षेत्र में हाल ही में जंगली बिल्ली को देखा गया है। पहाडी पर पहुंचे ग्रीन आर्मी के लोगों के साथ पुलिस विभाग के अधिकारी भी इसके गवाह बने हैं।

देवास ग्रीन आर्मी के समरजीत जाधव के अनुसार सोमवार अपरांह् पुलिस विभाग के पर्यावरण के आयोजन के लिए शंकरगढ पहाडी पर वे संयुक्त रूप से गए थे । इस दौरान आकस्मिक रूप से पहाडी के एक पथरीले हिस्से में उन्हें जब जंगल कैट प्रारंभिक स्थिति में दिखाई दी तो तेंदुआ की शंका हुई। कुछ समय पूर्व तक यहां चार तेंदुआ की उपस्थिति रही है। पोचिंग में एक तेंदुआ की मौत भी यहां हुई है। ऐसे में प्रारंभिक शंका इसी बात की थी ,लेकिन नजदीक से जाकर देखने पर जंगल कैट होना पुष्ट हुआ । साथ रहे पुलिस विभाग के अधिकारी वहां अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजाबाबू सिंह के पौधारोपण के लिए यहां जमीन देखने के लिए पहुंचे थे।

सभी को साथ लेकर बनी ग्रीन आर्मी-

 श्री जाधव के अनुसार 2018 में तत्कालीन डीएफओ पीएन मिश्रा के कार्यकाल में शंकरगढ पहाडी के पूर्नपर्यावरणीय स्थिति को लौटाने के लिए ग्रीन आर्मी का गठन किया गया था। उसके बाद से  निरंतर पिछले 7 वर्षों में देवास शहर के नागरिकों, युवाओं, संस्थाओं, वन विभाग, पुलिस-प्रशासन की संयुक्त मेहनत का असर  रहा कि एक बार फिर से पहाडी हरी भरी हो गई है। वन्यजीवों का सुरक्षित आश्रय स्थल बन रही है। जंगली बिल्ली या अन्य मांसाहारी जीवों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि वहाँ खाद्य श्रृंखला और जैव-विविधता पुनः स्थापित हो रही है। यदि कोई वन्यजीव किसी स्थान को अपना ठिकाना बनाता है, तो इसका अर्थ है कि वहाँ उसके लिए पर्याप्त भोजन, पानी और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध है।

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