उज्जैन। बरसात के मौसम में एक बार फिर से आंखों का रोग चल पडा है। जून के दुसरे सप्ताह में इस रोग से लोग प्रभावित रहे हैं और अब एक बार फिर से यह संक्रामक रोग आम आदमी को सता रहा है। तीन से पांच दिन इससे आंखों में दर्द, लाल होने,पानी निकलने और जलन होने की परेशानी आम तौर पर देखी जा रही है।इस बार मई माह में अच्छी खासी बरसात हो गई थी। उसके बाद जून में काफी समय तक वर्षा की स्थिति नहीं बनी और उमस के साथ ही धूल उडती रही। जुलाई में जाकर पिछले एक सप्ताह से अच्छी वर्षा बनी हुई है। इस तरह के मौसम के कारण आंखों का संक्रमण तेजी से बढ रहा है। शहर में इसके मरीज एवं डाक्टरों के यहां अच्छी खासी भीड जुट रही है। हाथ मिलाने एवं खुली आंखों से संक्रमित को देखने से भी इसके रोगियों में इजाफा हो रहा है। आंखों से जुड़ी बीमारियों में खासी बढ़ोतरी हो गई है। अस्पतालों में कई मरीज एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस (आंखों की एलर्जी) से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बारिश होने के साथ मरीजों की संख्या में और बढोतरी होगी।बचाव एवं सतर्कता रखें-चिकित्सकों ने कहा है कि स्कूल जाने वाले बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इस बीमारी की आशंका अधिक है। इसलिए आंखों की विशेष देखभाल बेहद जरूरी है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि, आंखों में किसी भी तरह के लक्षण महसूस होने पर नेत्र-विशेषज्ञ से संपर्क करें और आंखों को बार-बार छूने से बचें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।नमी और धूल कणों से बीमारी-नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में हवा में नमी और धूल कणों की मात्रा काफी बढ़ जाती है। यह स्थिति आंखों में एलर्जी और संक्रमण को बढ़ावा देती है। आंखों में लगातार खुजली, लालिमा, पानी आना और जलन एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस के सामान्य लक्षण हैं।
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