उज्जैन। सोमवार को शाही मस्जिद के हिस्से को समाज के लोगों द्वारा हटाने की कार्रवाई के बाद एक पक्ष ने विरोध जताते हुए पत्थर बाजी कर दी थी । पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तीतर भीतर किया था अब यहां सब कुछ सामान्य है और समाज की ओर से चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई की जा रही है लेकिन एतिहात के तौर पर गोपाल मंदिर, छत्री चौक सहित यहां की कई गलियों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। और मार्केट बंद है साथ ही लोगों की आवाजाही भी पूरी तरह से बंद है। इस कारण मार्केट व गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोगों के व्यापार व्यवसाय बंद पड़े हैं छत्री चौक गोपाल मंदिर तरफ के 500 मीटर के एरिया में लोगों के आने जाने पर बिल्कुल प्रतिबंध लगा रखा है। इन क्षेत्रों में बैरिकेटिंग कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ऐसे में पिछले दो-तीन दिन से गोपाल मंदिर, छत्री चौक, लखेरवाड़ी, पटनी बाजार, के मार्केट बंद है और जिन गलियों में लोगों की चहल पहल हुआ करती थी वहां सन्नाटा पसरा हुआ है और दुकाने व करोबार बंद पड़े है। सबसे ज्यादा परेशानी ठेले पर दुकान लगाने वालों की बनी हुई है कई ठेले वालो के ठेले भी छत्री चौक, गोपाल मंदिर सहित यहां की गलियों में फंसे पड़े हैं तथा ठेलो पर सामान भी रखा है। पिछले तीन दिन से छत्री चौक का मार्केट बंद होने की वजह से
सामान सहित ठेले वहीं फंसे हैं इन ठेलों का इस्तेमाल बैरिकेट्स के रूप में नाकाबंदी करने के लिए किया जा रहा है। ठेला पर दुकान लगाने वालों ने प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह भी किया लेकिन उनकी समस्या दूर नहीं हुई है कुछ फुटपाथ पर ठेला लगाकर सामान बेचने वालों का कहना है कि गोपाल मंदिर, छत्री चौक, लखेरवाड़ी सहित अन्य जगह पर वह फल फ्रूट सहित अन्य सामग्री ठेले पर दुकान लगाकर बेचते हैं। ऐसे 3 दिन से का कारोबार बंद पड़ा है और ठेले भी बंद क्षेत्र में फंसे हुए हैं कई ठेले गलियों में सामान सहित लावारिस पड़े हैं जिन्हें नुकसान पहुंचाया जा रहा है। एक ठेले को बेरिकेट्स के रूप में उपयोग करने के दौरान यह ठेला पलटा दिया इस कारण ठेले में भरा सामान टूट फूट गया। इसकी जानकारी जब ठेले वाले को लगी तो उसका कहना था कि जैसे तैसे पैसे इकट्ठे कर बेचने के लिए सामान भरा था और अब ठेले को पलटाकर मेरा नुकसान कर दिया है इसका हर्जाना कौन देगा? ठेले पर भरा सामान भी टूट गया है और 3 दिन से धंधा भी बंद पड़ा है अब तो घर चलाने के लाले भी पढ़ने लगे हैं।
ग्राहक नहीं पहुंच रहे भोजन फेंकना पड़ रहा
भोजनालय संचालक शरद प्रधान ने बताया कि उनकी भोजनालय पर 27 सितंबर से ही ग्राहक आना बिल्कुल बंद हो गए है ऐसे में उन्होंने सोमवार से तो भोजनालय में भोजन बनाना भी बंद कर दिया है इसी के साथ आगे अन्य भोजनालय पर भी ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं ऐसे में उन्हें भी भोजन फेंकना पड़ रहा है।
3 दिन से सामान से भरा ठेला छत्री चौक पर पड़ा लेकिन लाने नहीं दिया जा रहा सामान खराब हो रहा
कंठाल क्षेत्र में किराए से रहने वाले गोपाल पोरवाल ने बताया कि वह छत्री चौक पर खाद्य सामग्री का सामान ठेले पर बेचता है लेकिन जैसे ही सोमवार को बवाल मचा तो पुलिस ने छत्री चौक क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी तभी से गोपाल का खाद्य सामग्री से भरा ठेला छत्री चौक पर प्याऊ के समीप पड़ा है। गोपाल ने बताया कि तीन दिन से सामान से लदा ठेला छत्री चौक परिसर में पड़ा है। गोपाल ने आगे बताया कि फल फ्रूट सहित अन्य सामग्री बेचने वालों के ठेले भी सामान सहित छत्री चौक तरफ पड़े हुए हैं। और ठेले पर रखे फल व सामग्री खराब हो रही हैं। लेकिन किसी को भी ठेले निकालने नहीं दिए जा रहे हैं।