उज्जैन । खडे हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने का विरोध बराबर जारी है।इस पर सियासत गर्मा गई है। गुरूवार को यहां महिला साध्वी हर्षानंद गिरि भी पहुंची और वर्तमान स्थल पर भव्य मंदिर की बात कही। बुधवार रात को यहां संत समुदाय एकत्रित हुआ और उसने अपना विरोध व्यक्त किया है। कांग्रेसी यहां रामधून गाते हुए पहुंचे और भगवान को श्री फल भेंट कर सामुहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया है। इधर प्रशासन की और से एसडीएम एलएन गर्ग ने बयान जारी कर कहा है कि विशेषज्ञों, संत समाज और श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ समाधान निकाला जाएगा।साध्वी हर्षानंद ने सरकार को 2 दिन का अल्टीमेटम दियागुरूवार पूर्वान्हृ में साध्वी हर्षानंद गिरि (हर्षा रिछारिया) खड़े हनुमान मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने बूरी नजर के दोष से मुक्ति के लिए पुजारी महेश बैरागी से झाडनी डलवाई,उन्होंने पूजा की । मिडिया से बातचीत में उन्होंने प्रतिमा हटाने के प्रयासों का विरोध किया। प्रशासन से मंदिर पहुंचकर माफी मांगने, पूजा करने और मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लेने को कहा। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने अनशन और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी। उन्होंने सरकार को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया। मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि उन्हें इतनी हिम्मत मिले कि वे बाबा के लिए आवाज उठा सकें।गोपाल मंदिर से पैदल पहुंचे संत-बुधवार रात विश्व हिंदू परिषद के आवाहन पर संतों का दल गोपाल मंदिर से पैदल यात्रा निकालकर खड़े हनुमान मंदिर तक पहुंचा। संतों के साथ बड़ी संख्या में वीएचपी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सभी ने खड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर भगवान हनुमान के दर्शन किए। अयोध्या पीठाधीश्वर नृत्य गोपाल दास महाराज के शिष्य महंत राघवेंद्र दास ने कहा कि हनुमान जी के चमत्कार की चर्चा सुनकर दर्शन करने आए और मंदिर को यथावत रखने की मांग की है। महंत विनीत गिरी ने कहा कि जन भावनाओं का सम्मान करते हुए संवाद से रास्ता निकलेगा। सत्यानंद गिरी महाराज ने भी कहा कि आस्था का सम्मान जरूरी है और संवाद से ही विवाद खत्म होना चाहिए।वैज्ञानिक परीक्षण जरूरी-एसडीएम एल एन गर्ग ने नगर निगम अपर आयुक्त पवन सिंह की उपस्थिति में अपना विडियो बयान जारी करते हुए कहा कि सिंहस्थ 2028 के विकास कार्य भी आवश्यक हैं और उज्जैन की धार्मिक आस्था भी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विशेषज्ञों, संत समाज और श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ समाधान निकाला जाएगा। यह श्रद्धालुओं की गहरी आस्था से जुड़ा विषय है, साथ ही प्रतिमा की संरचनात्मक स्थिति का वैज्ञानिक परीक्षण भी आवश्यक है। हनुमान जी की प्रतिमा से जुड़ा विषय उज्जैन वासियों और श्रद्धालुओं की आस्था से संबंधित है।कांग्रेस रामधून गाते हुए मंदिर पहुंची-सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लाखों भक्तों की आस्था के केंद्र खड़े हनुमान जी की प्रतिमा हटाने की प्रशासन की योजना के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। प्रशासन की हठधर्मिता का विरोध करते हुए विधायक महेश परमार, पूर्व विधायक दिलीप गुर्जर और शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी सहित सैकड़ों कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता राम धुन गाते हुए खड़े हनुमान मंदिर पहुंचे।सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लाखों भक्तों की आस्था के केंद्र खड़े हनुमान जी की प्रतिमा हटाने की प्रशासन की योजना के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। प्रशासन की हठधर्मिता का विरोध करते हुए कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता राम धुन गाते हुए खड़े हनुमान मंदिर पहुंचे।कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एवं विधायक महेश परमार ने कहा किआज हम सब कांग्रेस परिवार के साथी मुकेश भाटी जी और तमाम हमारे विधायक दिनेश जैन बोस जी, दिलीप गुर्जर जी, हमारे प्रभारी चंदर सोंधिया जी और तमाम हमारे जिले और शहर के सभी सम्मानित पदाधिकारी हम सब लोग आए, हमने हनुमान जी महाराज के दर्शन किए, हनुमान चालीसा का पाठ किया है। हमारी तो एक ही मांग है कि जनता जनार्दन, जनमानस की धार्मिक भावना… वो ही नहीं चाहते कि यहाँ से भगवान हनुमान जी महाराज के खड़े हनुमान जी का मंदिर हटे। मेरी एक ही मांग है आदरणीय मुख्यमंत्री से, संभाग आयुक्त, मेला अधिकारी, कलेक्टर, एसपी, नगर निगम कमिश्नर से – जो हमारी धार्मिक परम्पराओं को, हमारी अति प्राचीन संस्कृति को संभालते हैं। उज्जैन की पहचान यही मंदिर हैं।जब-जब धार्मिक भावनाओं का अपमान हुआ है, जनमानस की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो वहां अमंगल हुआ है, नाश हुआ है। तो कम से कम इन सब चीजों को बचाएं और लोगों की भावनाओं के अनुसार काम करें। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने कहा कि सबके तारणहार भगवान हनुमान जी महाराज का स्थान यहाँ से विस्थापित नहीं किया जाए।कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोस ने कहा कि उज्जैन की जनता को और पूरे हिन्दू समाज को गुमराह क्यों कर रहे हैं ? ये मूर्ति यही स्थापित रहे। हमारी और पूरे हिन्दू समाज की भावना ये है, पर ये गुमराह करने की साजिश क्यों रची जा रही है? कोई भी अनिश्चितता का माहौल क्यों बनाया जा रहा है? ये क्या उद्देश्य है इनका ? जब आज letter जारी करा है जबकि एक महीने से चल रहा है कि भाई ये मूर्ति हटना है, नहीं हटना है, confusion की स्थिति है, तो मतलब ये क्या दंगा फसाद फैलाना चाहते हैं ? स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं करते शासन-प्रशासन और सरकारें ? जबकि जवाबदारी इनकी है। भगवान हनुमान जी की मूर्ति उठेगी तो हमको विरोध करने का हक़ है, राइट्स है। मैं विधायक हूँ, हमारे पूर्व विधायक हैं, चार बार के विधायक हैं। हम सब लोग तो ये कह रहे हैं गुमराह मत करो जनता को। स्पष्ट नीति बताओ।
गोपाल मंदिर से पैदल मार्च कर संत पहुंचे,कांग्रेसी रामधून गाते पहुंचे विरोध जताया खडे हनुमान को लेकर सियासत गर्माई -एसडीएम ने प्रशासन का पक्ष रखते हुए कहा विशेषज्ञों,संत समाज और श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ समाधान निकाला जाएगा