उज्जैन। लोकप्रिय समाचार पत्र दैनिक अवंतिका अपने पितृपुरुष परमश्रद्धेय ‘दा साब’ पं. गोवर्धनलाल मेहता की 111वीं जयंती के पावन अवसर पर ‘रक्तांजलि’ का आयोजन किया जा रहा है। कासमास माल में 26 जुलाई (रविवार) प्रातः 11 बजे स्वैच्छिक रक्तदान शिविर वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ एवं उज्जयिनी रक्त संचार संस्था जनसेवा का मानवसेवा का यह अनूठा आयोजन करने जा रहा है।
दैनिक अवंतिका के संपादक संदीप मेहता ने बताया कि वर्तमान समय में बढती दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन, थैलेसीमिया तथा अन्य आपात परिस्थितियों में समय में रक्त की आवश्यकता पडना सामान्य बात हो चली है। ऐसे समय में रक्त की उपलब्धता को लेकर अक्सर लोगों को परेशान होते देखा गया है। इन सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रक्तदान के प्रति आमजन को अधिक सक्रिय बनाने के उद्देश्य को साथ लेकर रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने और ब्लड बैंकों में पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
रक्तदान से बहुत सी बिमारियों में लाभ-
नियमित रूप से रक्तदान करने से हृदय संबंधी जोखिम कारकों को कम किया जा सकता है। नियमित रक्तदान से रक्त की चिपचिपाहट कम होती है, जिससे रक्त के थक्के जमने, दिल का दौरा पड़ने या स्ट्रोक होने की संभावना कम हो जाती है।उज्जयिनी रक्त संचार समिति की और से बताया गया कि रक्त दान से हार्टअटैक,ब्रेन हेमरेज,एवं कैंसर जैसी घातक बिमारी से भी बचाव होता है। रक्तदाता का एचबी संतुलित रहता है। लीवर पर अतिरिक्त आयरन जमा नहीं होता है। रक्तदाता की रक्त नलिकाओं में थक्का जमने की संभावना नगण्य हो जाती है। दुर्घटना की स्थिति में नियमित रक्तदाता का सामान्य व्यक्ति की तुलना में रक्तस्त्राव कम दबाव से होता है ।
इन्होंने की रक्तदान की अपील-
उज्जयिनी रक्त संचार समिति की ओर से सुनील गुप्ता, रूपेश बीडवान, अलका शर्मा एवं रितेश बोरिया तथा वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ की ओर से अभिलाष नागर, चैतन्य चौधरी, नरेंद्र सहगल, शेख जमील, अविनाश श्रीवास, अनिल देवड़ा, मुश्ताक खान एवं जी.आर. जरिया ने शहर के युवाओं, महिलाओं, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, कर्मचारियों एवं सभी जागरूक नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुँचकर स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की है। आयोजकों ने कहा कि रक्तदान महादान है। आपके द्वारा किया गया एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है। रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने सभी नागरिकों से इस पुनीत अभियान में सहभागी बनकर मानव सेवा के इस महायज्ञ को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए’ प्रेरित करने का आग्रह किया।
आग आएं ,दान बेकार नहीं जाता-
आयोजकों के अनुसार रक्तदान महादान जीवनदान है। इसमें आगे आकर दान देने से दान बेकार नहीं जाता है। सनातन धर्म में दान करने वाले को हमेशा कई गुना बढकर फल के रूप में मिलता है। रक्तदान तो महादान और जीवनदान जैसा ही है। ऐसे में यह एक यज्ञ के समान संपूर्ण मानव समाज के कल्याणार्थ दिए गए दान जैसा है। इसे दान को युवाओं को मुक्त और स्वच्छंदता से देना चाहिए जिससे उनमें त्याग एवं समर्पण की भावना की वृद्धि हो सके।
रक्तदान कर नायक बनें-
हर तीन में से एक व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ेगी। यह किसी दुर्घटना, सर्जरी या कैंसर जैसी स्वास्थ्य समस्या के कारण हो सकता है। दानदाताओं जैसे दयालु सामुदायिक नायकों के बिना, रक्त की आवश्यकता वाले कुछ लोगों की मृत्यु हो सकती है। मानव रक्त का कोई विकल्प नहीं है, इसीलिए जो भी सक्षम है, उसके लिए रक्तदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। तो, आज ही रक्तदान करके एक नायक बनें!दूसरों की मदद करना वाकई सुकून देता है। यह जानकर कि आपने ऐसा किया है, आपके मानसिक स्वास्थ्य और खुशहाली पर बहुत अच्छा असर पड़ता है, जिससे अवसाद का खतरा कम होता है और संभवतः आपकी उम्र भी बढ़ती है।
रक्तदान के बाद हम आपको मुफ्त में नाश्ता और पेय पदार्थ भी देंगे ताकि आपका शरीर दान किए गए रक्त की भरपाई जल्दी कर सके!