उज्जैन। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर उंडासा स्थित ग्राम पंचायत भवन कार्यालय के प्रांगण में ध्वजारोहण के दौरान हंगामे की स्थित बन गई। जिसके चलते मामला मारपीट तक पहुंच गया। ध्वजारोहण के दौरान विवाद होने की खबर मिलते ही चिमनगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हंगाम कर रहे अमन बारोलिया को हिरासत में लिया। ग्राम के सरपंच रमेशचंद्र शर्मा ने ध्वजारोहण के बाद थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। सरपंच ने बताया कि ध्वजारोहण के दौरान गांधीजी, नेहरूजी, अम्बेडकरजी, सरस्वतीजी का फोटो लगाया गया था। इस दौरान अमन ने आकर विवाद शुरू कर दिया और कहने लगा कि भगतसिंह की फोटो क्यों नहीं लगाई। इसी बात पर उसने हंगामा किया और मारपीट पर उतारू हो गया। एसआई सुरेन्द्र मंडलोई के अनुसार अमन के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने, जति मूलवंश का संप्रवर्तन और सौहार्द्र पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के साथ लोकशक्ति भंग करने की धारा 196 (1)(ख), 299, 352 भारतीय न्याय संहिता का प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी की गई। जिसे नोटिस तामिल कराकर जमानत पर रिहा किया गया है। प्रकरण जल्द ही न्यायालय में प्रस्तुत किया जायेगा।
राघवी थाना क्षेत्र के ग्राम निपानिया राजू में रहने वाले विष्णु पिता मेहरबान बागरी ने अपनी गाड़ी घर के बाहर खड़ी की थी, रात में गांव का रहने वाला बदमाश गणेश आया और विष्णु से शराब पीने के लिये 1 हजार रूपये हफ्ता देने की बात कहने लगा। विष्णु ने रूपये देने से मना किया तो उसने डंडे से उसकी गाड़ी का कांच फोड़ दिया। विष्णु ने उसे रोकने का प्रयास किया तो मारपीट शुरू कर दी। विष्णु के साथ मारपीट होती देख पत्नी ममता, बहन पूजा और पिता मेहरबान आये तो उनके साथ भी मारपीट की। आसपास के लोगों एकऋित हुये तो बदमाश भाग निकला। राघवी पुलिस ने विष्णु की शिकायत पर तोड़फोड़, मारपीट और धमकी देने के साथ अवैध वसूली का प्रकरण दर्ज किया है।
उंडासा पंचायत भवन में ध्वजारोहण के दौरान हंगामा, विरोध करने पर मारपीट