उज्जैन/ सिंहस्थ-2028 केवल महाकाल की नगरी उज्जैन का धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह पूरे मालवा क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और भौगोलिक स्वरूप को बदलने वाला महाअभियान साबित हो सकता है। सिंहस्थ की तैयारियों के लिए उज्जैन और आसपास के जिलों में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अधोसंरचना परियोजनाएं संचालित हैं, जिनका सीधा लाभ उज्जैन के साथ इंदौर, देवास, रतलाम, शाजापुर और मंदसौर को भी मिलेगा। सरकार का फोकस इस बार केवल मेला क्षेत्र तक सीमित नहीं है। सड़क, रेल, हवाई संपर्क, जल प्रबंधन और पर्यटन सुविधाओं को…
Read More