इंदौर। इंदौर में खाकी के रौब से जुड़ा एक मामला पुलिस जनसुनवाई तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री के काफिले की आवाजाही के दौरान ड्यूटी कर रहे दो पुलिस आरक्षकों पर एक रैपिडो बाइक चालक को थप्पड़ मारने और उसके साथ अभद्रता करने के आरोप लगे हैं। मामला अब पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह के दरबार में पहुंच गया है। LIG-1 निवासी हर्ष बांगर ने जनसुनवाई में शिकायत सौंपकर दोनों आरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हर्ष के मुताबिक, 26 अक्टूबर को वह TCS के पास अपनी रैपिडो राइड के ग्राहक का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान मुख्यमंत्री के काफिले की आवाजाही को लेकर पुलिस चेकिंग कर रही थी। आरोप है कि इसी बीच ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे बुलाया और पूछताछ के नाम पर ऐसा रौब दिखाया कि बात सीधे थप्पड़ तक पहुंच गई। युवक का दावा है कि एक आरक्षक ने उसके दाहिने गाल पर थप्पड़ जड़ दिया। इतना ही नहीं, उसका मोबाइल और बाइक की चाबी भी छीन ली गई।
युवक का कहना है कि पुलिसकर्मियों की इस कथित हरकत के चलते उसकी रैपिडो राइड भी कैंसिल हो गई और उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना से उसकी प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची। अब युवक ने अपनी शिकायत के साथ परिचित को किए गए फोन की 3 मिनट 39 सेकंड की कॉल रिकॉर्डिंग और थप्पड़ से संबंधित फोटो साक्ष्य होने का दावा भी किया है।
शिकायत में आगे बताया गया कि पुलिसकर्मी उसे थाना बाणगंगा लेकर पहुंचे, जहां TI के सामने उस पर झूठे आरोप लगाए गए और माफी मांगने का दबाव बनाया गया। इसके बाद उसे वापस घटनास्थल पर छोड़ दिया गया। अब सवाल यह है कि आखिर चेकिंग के दौरान ऐसा क्या हुआ कि एक रैपिडो चालक को थाने तक ले जाने की नौबत आ गई? युवक ने दोनों आरक्षकों के साथ PCR वाहन में तैनात पुलिसकर्मियों की पहचान कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। हर्ष ने पुलिस कमिश्नर से घटनास्थल के CCTV फुटेज, पुलिसकर्मियों के ड्यूटी रिकॉर्ड और संबंधित साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी और विभागीय कार्रवाई करने, आर्थिक नुकसान की भरपाई और मानहानि के मामले में उचित कार्रवाई की मांग भी की है। युवक ने परिवार को भविष्य में परेशान नहीं किए जाने की मांग भी शिकायत में रखी है। अब देखना होगा कि जनसुनवाई में पहुंची इस शिकायत पर पुलिस महकमा क्या रुख अपनाता है और वर्दी के कथित रौब की निष्पक्ष जांच होती है या मामला फाइलों में ही सिमटकर रह जाता है।
ReplyForward