आज से उज्जैन तहसील में बोमा लगाकर अफ्रीका की टीम के साथ हेलीकाप्टर से अभियान चलेगा एक बार फिर नीलगाय-वन विभाग का सामना,इस बार दक्षिण अफ्रीका की टीम भी-जिला पंचायत,पुलिस ,जिला पंचायत,राजस्व,स्वास्थ्य,लोनिवि,विद्युत कंपनी,पशु चिकित्सा सहित अनेक विभागों के सहयोग से होगा

उज्जैन। उज्जैन जिला मुख्यालय की तहसील पर एक बार फिर से नीलगाय और वन विभाग का आमना-सामना शनिवार से होने वाला है। इस बार वन विभाग की और से दक्षिण अफ्रीका की टीम हेलीकाप्टर के साथ मैदान में उतरेगी। इसके लिए तैयारियां जोरों पर है। 4 दिवसीय अभियान के लिए पूर्व से ही बोमा लगाने के स्थान और लोकेशन तय कर ली गई है।मई 26 में वन विभाग ने नीलगायों को अपने स्तर पर पकडने के लिए अभियान चलाया था। उस दौरान कवायद की गई थी लेकिन विशेषज्ञों का अभाव एवं हेलीकाप्टर नहीं मिल पाने की वजह से नीलगाय पकडने का अभियान मात्र ईकाई के आंकडे में सिमटकर रह गया था। जो नीलगाय पकडी गई थी वो भी ग्रामीणों के सहयोग से। इन्हें पकडकर तत्कालीन रूप से गांधीसागर छोडा गया था। इससे पूर्व मंदसौर क्षेत्र में 2018-19 में अभियान चलाया गया था। अभियान में शिकारियों जाति के लोगों को भी शामिल किया गया था लेकिन सफलता दूर रही थी।इन विभागों की रहेगी भूमिका-अभियान में पुलिस विभाग भीड नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था के लिए तैनात रहेगा। जिला पंचायत नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगी। राजस्व विभाग तहसील स्तर पर नोडल की भूमिका निभाते हुए कृषकों से समन्वय बनाएगा।स्वास्थ्य विभाग केप्चर स्थल पर स्वास्थ्य सुविधा ,फर्स्ट एड,एंबुलेंस की सुविधा देगा। लोक निर्माण विभाग हेलीपेड के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं देगा। अक्षांश देशांश में समन्वय देगा।वैकल्पिक हेलीपेड स्थान का चिन्हांकन करेगा। विद्युत कंपनी अभियान के दौरान संबंधित क्षेत्रों में खेतों की विद्युत आपूतिर्‍ बंद करेगा। पशु चिकित्सा विभाग बोमा स्थल पर पकडे जाने वाले वन्य पशुओं के स्वास्थ्य का परीक्षण करेगा। जनपद पंचायत पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा कर ग्रामीणों का सहयोग सुनिश्चित करेगा।ये रहेगी बोमा लोकेशन-शनिवार से 4 दिवसीय अभियान की शुरूआत होगी। उज्जैन तहसील के चिंतामन थाना अंतर्गत हासामपुरा,ब्रजराजखेडी,पंवासा थाना क्षेत्र के ताजपुर,नरवर थाना क्षेत्र के दताना हवाई पट्टी,केसूनी गांव के जंगल में बोमा लगाकर नीलगाय पकडने का अभियान शुरू होगा। इसके लिए बोमा की लोकेशन पूरी तरह से तय की जा चुकी है। अधिकांश बोमा उत्तर-पूर्व की अक्षांश-देशांश लोकेशन में ही लगाए जाना तय हुआ है।गांधीसागर छोडेंगे-वन मंडलाधिकारी अनुराग तिवारी के अनुसार दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञों के सहयोग से हेलिकॉप्टर एवं बोमा पद्धति के माध्यम से फसलों को क्षति पहुंचा रही नीलगाय को पकड़कर संरक्षित क्षेत्रों में बसाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत शाजापुर में अभियान का प्रथम चरण में वन्य प्राणियों को स्थानांतरित किया गया था। अभियान का द्वितीय चरण उज्जैन में 31 अक्टूबर से 03 नवंबर तक चलाया जाना प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत नीलगाय को गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में स्थानांतरित करना प्रस्तावित है।

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