नीमच । प्रदेश के साथ नीमच जिले मे भी स्वामित्व रजिस्ट्री अभियान को लेकर पटवारियों और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। जिले में तीन पटवारियों की बर्खास्तगी के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में पटवारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। विरोध का अंदाज भी अनोखा रहा। पटवारी हाथों में फूल-मालाएं लेकर पहुंचे और बर्खास्त किए गए अपने साथियों का सम्मान कर प्रशासन की कार्रवाई पर विरोध दर्ज कराया।
मध्यप्रदेश पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह चुण्डावत ने कहा कि स्वामित्व रजिस्ट्री के काम में कई तकनीकी और व्यवहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं। इन समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर संघ ने पूर्व में प्रशासन को ज्ञापन भी दिया था। उनका आरोप है कि समस्याओं का समाधान किए 1- बिना ही पटवारियों पर काम का दबाव र बनाया जा रहा है। इसी बीच जिले के तीन की पटवारियों को बर्खास्त किए जाने से संघ पों में नाराजगी है।पटवारी संघ ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश और जिले के अन्य पटवारी भी पीजी सस्याओं को कलेक्टर से मुलाकात नहीं हुई तो प्रवेश द्वार पर बैठे प्रदर्शन के दौरान पटवारियों ने ‘जिला प्रशासन होश में आओ’ के नारे लगाए और कलेक्टर से सीधे मुलाकात की मांग की। कलेक्टर से चर्चा नहीं होने पर पटवारी कलेक्टर कार्यालय के प्रवेश द्वार पर ही धरने पर बैठ गए। इससे कार्यालय परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।बर्खास्त साथियों को पहनाई मालाएं प्रदर्शन के दौरान पटवारी अपने बर्खास्त साथियों के लिए फूल-मालाएं लेकर पहुंचे थे। जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह चुण्डावत ने कहा कि नौकरी से बर्खास्त किए जाने के बावजूद उनके साथी आंदोलन में उनके साथ खड़े हैं। इसलिए उनके सम्मान में मालाएं लाई गई हैं। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर तंज कसते हुए कहा कि यदि नौकरी समाप्त ही कर दी गई है तो प्रशासन उन्हें माला पहनाकर सम्मानपूर्वक घर भेज दे।कलमबंद हड़ताल जारी, संशोधन और बहाली की मांग-पटवारी संघ ने बताया कि कलमबंद हड़ताल शुरू हो चुकी है। संघ की प्रमुख मांग है कि स्वामित्व रजिस्ट्री से जुड़े. प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किए जाएं तथा बर्खास्त किए गए पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस ली जाए। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।