इंदौर।देवास जिले के चापड़ा-अमरपुरा के पास 4 साल पहले हुए सड़क हादसे में गर्ग परिवार के इकलौते बेटे पीयूष गर्ग की मौत हो गई, जबकि उनके पिता सुरेश चंद्र गर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। लंबे समय तक कोमा में रहने के बाद उनकी मानसिक स्थिति ऐसी हो गई कि अब वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर हैं।13 मार्च 2022 को पीयूष और उनके पिता कार से इंदौर आ रहे थे। चापड़ा-अमरपुरा के पास तेज रफ्तार डंपर ने उनकी कार को टक्कर मार दी। हादसे में पीयूष को गंभीर चोटें आईं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सुरेश चंद्र को भी सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। उन्हें इलाज के लिए इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वे अलग-अलग अवधि में लंबे समय तक अस्पताल में रहे।हादसे के बाद सुरेश चंद्र की कार्यक्षमता पर गंभीर असर पड़ा। कोर्ट में पेश रिकॉर्ड के अनुसार, कोमा से बाहर आने के बाद वे अपनी सुध-बुध खो बैठे और अब उन्हें दिनभर देखभाल की जरूरत रहती है।करीब 4 साल चली सुनवाई के बाद इंदौर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 28 सितंबर को दोनों मामलों में कुल 1.76 करोड़ रुपए का मूल मुआवजा तय किया। इस पर 9 सितंबर 2022 से भुगतान की तारीख तक 6% सालाना ब्याज भी देना होगा। ब्याज सहित यह राशि करीब 2.25 करोड़ रुपए हो जाती है।
सड़क हादसे के 4 साल बाद मिलेगा मुआवजा: कोर्ट ने दिलाया 2.25 करोड़ का क्लेम