उज्जैन ईओडब्ल्यू की मंदसौर में ट्रेप कार्रवाई -रिश्वत लेने शिकंजे में आये सरपंच दंपति

उज्जैन। नक्शे के अनुरूप निर्माण अनुमति का प्रमाण पत्र देने के एवज में सरपंच दंपति रिश्वत की मांग कर रहे थे। ग्रामीण ने ईओडब्ल्यू को शिकायत दर्ज कराई। सोमवार को उज्जैन से मंदसौर पहुंची ईओडब्ल्यू की टीम ने सरपंच दंपति को साढ़े तीन हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा।
ईओडब्ल्यू की टीम ने बताया कि मंदसौर की सीतामऊ तहसील के ग्राम मुवाला में रहने वाले विक्रम पिता तखतसिंह ने उज्जैन कार्यालय आकर शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम पंचायत दलौदा में उसने एक भुखंड क्रय किया था। जिसका नामांतरण हो चुका था। नक्शे के अनुरूप निर्माण अनुमति के लिए ग्राम पंचायत को आवेदन दिया था। जहां से मिलने वाले प्रमाण पत्र पर उसे बैंक से लोन प्राप्त करना था। लेकिन प्रमाण पत्र देने के एवज में सरपंच दुर्गा कैथवास द्वारा अपने पति अनिल कैथवास सरपंच प्रतिनिधि के माध्यम से 5 हजार की मांग की जा रही है। विक्रमसिंह की शिकायत की तस्दीक की गई, जिसमें पाया गया कि रिश्वत की राशि 5 हजार का मामला 4 हजार में तय हुआ है। महिला सरपंच का पति 500 रूपये प्राप्त कर चुका है। साढ़े तीन हजार सोमवार को देना तय किया गया है। शिकायत सही होने पर उज्जैन से ईओडब्ल्यू की एक टीम उपपुलिस अधीक्षक रामनिवास यादव के नेतृत्व में बनाई गई। जिसमें निरीक्षक रीमा यादव, अर्जुन मालवीय, उपनिरीक्षक अशोक राव, प्रधान आरक्षक मोहन पाल, लोकेन्द्र सिंह देवड़ा, मनोज सिरवईया, आरक्षक राकेश जटिया, महिला आरक्षक मनीषा रावत, भरत मण्डलोई, चन्द्रशेखर राय को शामिल कर मंदसौर रवाना किया। शिकायतकर्ता को रिश्वत की शेष राशि देकर सरपंच पति ने ग्राम दलौदा स्थित कार्यालय बुलाया। विक्रमसिंह ने रिश्वत की राशि दी और टीम को इशारा किया। टीम ने कार्यालय में प्रवेश कर सरपंच दुर्गा कैथवास और उसके प्रतिनिधि पति अनिल कैथवाल को रंगेहाथ रिश्वत की राशि लेने के आरोप में पकड़ा और मौके पर ही कार्रवाई की दोनों की गिरफ्तारी ली। दोनों के खिलाफ रिश्वतखोरी का मामला दर्ज कर उन्हे जमानत में रिहा किया। दोनों के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जायेगा।

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