उज्जैन। रामघाट पर मंगलवार सुबह क्षिप्रा नदी में डूबती युवती को होमगार्ड सैनिक राजेन्द्र डाबी ने देखा तो बचाने के लिये छलांग लगा दी। सैनिक ने कुछ देर में युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। युवती मुस्कान पिता रतनलाल 19 साल निवासी खिलचीपुर राजगढ़ की रहने वाली थी। जो परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर उज्जैन आई थी और क्षिप्रा स्नान के लिये रामघाट पहुंची। उसे क्षिप्रा की गहराई का अंदेशा नहीं था, घाट पर पैर फिसलने वह गहरे पानी में चली गई थी। मुस्कान की जान बचने पर परिवार ने सैनिक की तत्परता की सराहना की और आभार माना। होमगार्ड/एसडीआरएफ डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने बताया कि श्रावण माह के चलते प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु क्षिप्रा नहान के लिये पहुंच रहे है। जिनकी सुरक्षा व्यवस्था के लिये क्षिप्रा के घाटों पर 130 से अधिक सैनिकों की सुरक्षा उपकरणों के साथ तैनाती की गई, जो तीन शिफ्ट में लगाकर घाटो पर पेट्रोलिंग कर रहे है। सैनिक राजेन्द्र डाबी द्वारा खुद की जान की परवाह किये बिना युवती को बचाने का साहस दिखाया है। उसकी बहादूरी को देखते हुये पुरूस्कृत किया जायेगा।
हीरामिल की चाल में रहने वाला प्रकाश पिता रामदयाल जाटवा शराब पीने का आदी है। सोमवार रात नशे में गाली-गलौच कर रहा था। उसने पास में रहने वाले बच्चे को मार दिया था। बच्चे का पिता प्रवीण और मां पिंकी उसे समझाने पहुंचे तो प्रकाश ने उनके साथ भी गाली-गलौच करना शुरू कर दिया। प्रवीण ने उसे थप्पड़ मार दिये। कुछ देर बाद प्रकाश ने खुद ही अपने हाथ की कलाई कलाई काट ली। नस कटने पर तेजी से खून बहने लगा। परिजनों ने उसे देखा तो उपचार के लिये चरक अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि प्रकाश दोना-पत्तल बनाने का काम करता है और शराब पीने का आदी है। नशे में उसने खुद के हाथ की नस काटी है। ड्युटी कम्पाउंडर द्वारा मामले की सूचना देवासगेट थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने बयान दर्ज कर जांच शुरू की है।
डूबती युवती को देख होमगार्ड सैनिक ने लगाई छलांग , हाथ की काटी नस