सारंगपुर।कस्बे में हर सप्ताह लगने वाला साप्ताहिक हाट बाजार स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस रोड पर अव्यवस्थित तरीके से सजने वाली दुकानों के कारण घंटों तक भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। फुटकर दुकानदारों द्वारा सडक के बडे हिस्से पर कब्जा कर लेने से न केवल सामान्य यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि स्कूल वाहनों और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।स्कूली बच्चों और एंबुलेंस के पहियों पर लग रहा ब्रेक-स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों का कहना है कि सोमवार के दिन हाट बाजार के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पडती है। बच्चों को ले जाने वाले ऑटो, बसें और अन्य वाहन घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे बच्चे समय पर न तो स्कूल पहुंच पाते हैं और न ही घर। इससे भी ज्यादा गंभीर चिंता का विषय यह है कि कई बार गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस भी इस अव्यवस्था की भेंट चढ जाती है। सडक पर फैली दुकानों और बेतरतीब खडे वाहनों के कारण एंबुलेंस चालकों को रास्ता निकालने के लिए भारी मशक्कत करनी पडती है। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार तो ऐसी स्थितियां बनी हैं जब बडे हादसे होते-होते बचे हैं।
पंचायत और हाईवे प्रबंधन में खींचतान, समस्या जस की तस-ग्रामीणों का आरोप है कि इस विकराल होती समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत, टोल प्रबंधन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणको अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस या स्थाई कदम नहीं उठाया गया है। ग्राम पंचायत और हाईवे प्रबंधन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड लेते हैं। नियंत्रण की स्पष्ट व्यवस्था न होने का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड रहा है।सुचारू यातायात के लिए विशेष प्रबंध की मांग-समस्या के लगातार बढने से स्थानीय लोगों में आक्रोश गहराता जा रहा है। क्षेत्रवासियों और अभिभावकों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि साप्ताहिक हाट बाजार के दिन यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए विशेष पुलिस बल या सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं। सर्विस रोड से फुटकर दुकानों को हटाकर उन्हें किसी निर्धारित खुले स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। सर्विस रोड को हर हाल में अतिक्रमण मुक्त और सुचारू रखा जाए ताकि स्कूली बच्चों, मरीजों और आम यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पडे।
सर्विस रोड पर लग रहा जाम स्कूली बच्चों और मरीजों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा