भिंड इंटरसिटी के स्लीपर कोच में रोती मिली नवजात रतलाम में मानवीयता शर्मसार, 4 दिनों में 3 नवजात लावारिस मिले -जिले में पिछले 15 दिनों में यह 4 था नवजात लावारिस स्थिति में मिला

उज्जैन। रतलाम में मानवीयता को शर्मसार करने वाली स्थिति पिछले 4 दिनों में सामने आई है। शनिवार को रतलाम जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन पर भिंड इंटरसिटी के स्लीपर कोच से नवजात शिशु रोता हुआ मिला है। इसके साथ ही पिछले 4दिनों में जिले में नवजात शिशु के मिलने का यह तीसरा मामला सामने आया है। अधिकारिक स्तर पर सामने आ रहा है कि पिछले 15 दिनों में 4 नवजात शिशु मिले हैं। जिनमें से 3 गहन चिकित्सा ईकाई रतलाम मेडिकल कालेज में उपचार रत हैं। दो तो ऐसे हैं जिन्हें मां से अलग करने के एक घंटे के दरमियान ही फेंक दिया गया।रतलाम जिले में नवजात बच्चों को लावारिस छोड़ने का एक बेहद खौफनाक और चिंताजनक सिलसिला सामने आया है। पिछले चार दिनों के भीतर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तीन नवजात शिशु मिले हैं, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है। शनिवार शाम को जब स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर खड़ी भिंड-रतलाम इंटरसिटी एक्सप्रेस के एक स्लीपर कोच में लावारिस हालत में एक नवजात बालिका मिली। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर ट्रेन में मौजूद यात्रियों को इसकी जानकारी हुई, जिसके बाद तुरंत रेलवे पुलिस को सूचित किया गया। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने नवजात को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे बाल चिकित्सालय के एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में भर्ती कराया गया है। फिलहाल इस बच्ची की हालत सामान्य है।जीआरपी थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर सोहन पाटीदार ने बताया कि शनिवार शाम करीब 4:45 बजे सूचना मिली थी कि भिंड इंटरसिटी के एस-2 स्लीपर कोच में एक नवजात बच्ची पड़ी हुई है। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो बच्ची बुरी तरह रो रही थी। तत्काल महिला कांस्टेबल की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया।जांच में सामने आया है कि यह ट्रेन भिंड से चलकर सुबह करीब 10 बजे रतलाम पहुंचती है, जिसके बाद इसे यार्ड में खड़ा कर दिया जाता है। शाम 4 बजे ट्रेन को वापस प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर लाया जाता है, जहां से यह शाम 5:25 बजे भिंड के लिए रवाना होती है। पुलिस के अनुसार, स्लीपर कोच के गेट लॉक थे, इसलिए आशंका है कि कोई अज्ञात व्यक्ति दूसरे कोच के रास्ते एस-2 कोच के अंदर दाखिल हुआ और बच्ची को कपड़े में लपेटकर सीट पर छोड़कर फरार हो गया। जीआरपी पुलिस रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इधर पिछले 15 दिनों में मिले लावारिस नवजातों के मामले में सहायक संचालक महिला बाल विकास विभाग भारती दांगी का कहना है कि इनमें से तीन न्यू बोर्न बेबी हैं। इन्हें मेडिकल कालेज के गहन चिकित्सा ईकाई में उपचार दिया जा रहा है। स्वस्थ स्थिति में इन्हें बाल विकास केंद्र  के समक्ष पेश किया जाएगा उसके उपरांत चाईल्ड केयर सेंटर में रखा जाएगा। इनमें से हमारी पालना संस्था के बाहर ही एक नवजात को छोडा गया है। हमारा तो संदेश है फेंके नहीं हमें दें। प्रकृति प्रदत्त उपहार का सम्मान किया जाना चाहिए।एडीएम बृजेश रावत के अनुसार इस मुद्दे पर संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं चाईल्ड केयर लाईन से हमने चर्चा की है। पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। आकस्मिक रूप से बढे ऐसे मामले चिंतनीय हैं।चार दिनों में 3 नवजात मिले ,एक मृत -पिछले चार दिनो में तीन नवजात मिलने का मामला बुधवार से शुरू हुआ था  जिसमें दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मथुरी रोड स्थित रिंग रोड पर एक नाले के पाइप के अंदर एक और नवजात बच्ची लावारिस हालत में तड़पती हुई मिली थी। उसे समय रहते रेस्क्यू कर मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां उसका उपचार जारी है। गुरूवा को बिलपांक थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक ग्रामीण को लावारिस हालत में एक नवजात बच्ची मृत अवस्था में पड़ी मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शनिवार शाम रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर भिंड इंटरसिटी एक्सप्रेस के एस-2 कोच में जीवित नवजात बालिका मिली।

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