उज्जैन। स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर की सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्य मार्गों पर डिवाइडरों को रंग-रोगन कर उन पर सजावटी गमले और पौधे लगाए गए थे, लेकिन नियमित रखरखाव के अभाव में इनकी सुंदरता धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है।
फ्रीगंज तीन बत्ती चौराहे के समीप स्थित माधव क्लब रोड इसका प्रमुख उदाहरण है। इस मार्ग के डिवाइडरों पर पीले और काले रंग की पेंटिंग की गई थी तथा उनके ऊपर सजावटी गमले रखे गए थे, जिससे सड़क का स्वरूप आकर्षक दिखाई देता था। वर्तमान में इन डिवाइडरों पर रखे कई गमले टूट-फूट का शिकार हो चुके हैं। गमले टूटने से उनमें लगे पौधों की जड़ें और मिट्टी बाहर निकलकर डिवाइडर पर बिखर गई हैं। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त गमलों को हटाकर नए गमले लगाने या मरम्मत करने की दिशा में कोई कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। जिस मार्ग की सुंदरता प्रभावित हो रही है।
इसी प्रकार देवास रोड और नानाखेड़ा सिग्नल चौराहे के डिवाइडरों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। नानाखेड़ा चौराहे को आकर्षक बनाने के लिए डिवाइडरों पर नक्काशीदार लाल पत्थर लगाए गए थे, लेकिन समय के साथ इनमें से कई पत्थर टूट चुके हैं। इससे चौराहे की सुंदरता प्रभावित होने के साथ-साथ रखरखाव पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
शहरवासियों का कहना है कि स्मार्ट सिटी के तहत विकसित किए गए इन सौंदर्यीकरण कार्यों का नियमित रखरखाव नहीं हो रहा है।