ब्रह्मास्त्र44 नई दिल्ली
देश में आॅनलाइन गेमिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए नियम 1 मई 2026 से लागू होने वाले हैं, जिनके तहत पैसे लगाकर खेले जाने वाले आॅनलाइन गेम्स पर सख्त रोक लगाई जाएगी। यह प्रावधान प्रमोशन एंड रेगुलेशन आॅफ आॅनलाइन गेमिंग एक्ट के तहत लागू किया जा रहा है, जिसे वर्ष 2025 में संसद से मंजूरी मिली थी। इन नियमों का उद्देश्य गेमिंग इंडस्ट्री को नियंत्रित करना, यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाना और गैरकानूनी सट्टेबाजी जैसे तत्वों पर लगाम लगाना है। सरकार ने साफ किया है कि जहां एक ओर रियल मनी वाले गेम्स पर प्रतिबंध रहेगा, वहीं ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसका मतलब है कि बिना पैसे वाले गेम्स, स्किल-बेस्ड प्रतियोगिताएं और प्रोफेशनल ई-स्पोर्ट्स गतिविधियां पहले की तरह जारी रहेंगी और उन्हें कानूनी संरक्षण भी मिलेगा।
नए नियमों के लागू होने के बाद गेमिंग कंपनियों और यूजर्स दोनों के लिए कई नई गाइडलाइंस तय की गई हैं। अब किसी भी गेमिंग प्लेटफॉर्म को यूजर्स की उम्र की पुष्टि करनी होगी और नाबालिगों के लिए उचित प्रतिबंध लागू करने होंगे। साथ ही, गेम खेलने के समय को लेकर भी सीमाएं तय करनी होंगी, ताकि अत्यधिक गेमिंग से होने वाले नुकसान को रोका जा सके। पैरेंटल कंट्रोल जैसे फीचर्स को अनिवार्य किया गया है, जिससे अभिभावक बच्चों की गतिविधियों पर नजर रख सकें।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किन गेम्स को ह्लपैसे वाले गेमह्व माना जाएगा। यदि किसी गेम को खेलने के लिए एंट्री फीस देनी पड़ती है, या उसमें जीतने पर नकद या किसी मूल्यवान इनाम की संभावना होती है, या गेम के अंदर मौजूद वर्चुअल आइटम्स को असली पैसे में बदला जा सकता है, तो ऐसे सभी गेम इस श्रेणी में आएंगे और उन पर प्रतिबंध लागू होगा। इसके अलावा, गेमिंग कंपनियों को अपनी सेवा शर्तें और नियम यूजर्स के सामने स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने होंगे।