हाथी पर निकले बाबा महाकाल, 51 ध्वजों के साथ निकली शाही गेर

उज्जैन।रंगपंचमी  पर  मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए। सुबह उन्होंने वीरभद्र जी और महाकाल ध्वज का पूजन किया, साथ ही तलवारबाजी भी की। इसी दिन शाम को श्री महाकालेश्वर मंदिर से एक भव्य ध्वज चल समारोह निकाला गया, जिसमें झांकियां और बैंड आकर्षण का केंद्र रहे।श्री महाकालेश्वर मंदिर में यह चल समारोह प्रतिवर्ष की परंपरा अनुसार रंगपंचमी महापर्व पर भगवान श्री वीरभद्र जी के पूजन के बाद निकाला जाता है। इस वर्ष के समारोह में विभिन्न आकर्षक झांकियां, बैंड और धार्मिक प्रस्तुतियां शामिल थीं। लगभग चार किलोमीटर लंबा यह चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा और अंततः पुनः मंदिर परिसर पहुंचा।चल समारोह में सबसे आगे बैंड दल था। इसके बाद वीरभद्र और कालिका माता की झांकियां, गणेश मालवा बैंड, नासिक ढोल, महाकाल के गर्भगृह दर्शन की झांकी और नंदी की सवारी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अतिरिक्त, चांदी का ध्वज-छत्र, अन्य धार्मिक झांकियां और हाथी पर सवार मनमहेश के दर्शन भी भक्तों को हुए।यह चल समारोह महाकाल मंदिर से शुरू होकर महाकाल घाटी, तोपखाना, दौलतगंज, फव्वारा चौक, कंठाल, सती गेट, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी चौराहा होते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंचा।
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