तिरुवनंतपुरम।केरल विधानसभा चुनाव महज दो-तीन महीने दूर है। लोगों ने चर्चा है कि क्या पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा (LDF ) तीसरी बार सत्ता में लौटकर इतिहास रचेगा या कांग्रेस नीत यूडीएफ को नेतृत्व की स्पष्टता और जमीनी सक्रियता का फायदा मिलेगा? नगर निकाय चुनाव में कई शहरी वार्डों में वोट शेयर बढ़ाने वाली भाजपा क्या असर डालेगी?पिनाराई विजयन की मौजूदा सरकार कल्याण योजना, इंफ्रा और संकट प्रबंधन जैसे काम गिना रही है। विपक्ष जवाबदेही और पारदर्शिता की बात कर रहा है।अल्पसंख्यक वोटों की हलचल, शहरी सीटों पर भाजपा की बढ़ती मौजूदगी और सीमित सीटों पर छोटे-छोटे मूड शिफ्ट… ये संकेत हैं कि चुनाव में लहर नहीं, सीट दर सीट मनोवैज्ञानिक जंग काम करेगी।
केरल चुनाव 2026, अबकी बार गठबंधन नहीं:चेहरों पर केंद्रित हो रहा चुनावी मुकाबला