ब्रह्मास्त्र वाशिंटन
अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। अमेरिका अब अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड वहां भेज रहा है। यह एक न्यूक्लियर-पावर्ड कैरियर एयरक्राफ्ट है। रॉयटर्स को दो अमेरिकी अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। अधिकारी के मुताबिक, जेराल्ड को मिडिल ईस्ट पहुंचने में एक हफ्ता लगेगा। वहां पहले से अब्राहम लिंकन कैरियर और दूसरे युद्धपोत तैनात हैं।
जेराल्ड अपने साथी जहाजों के साथ कैरिबियन सागर में तैनात था। यह इस साल वेनेजुएला में हुए अमेरिकी अभियानों में हिस्सा ले चुका है। इसके अलावा हाल के हफ्तों में कई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर, फाइटर जेट और निगरानी विमान भी मिडिल ईस्ट में भेजे गए हैं। अमेरिकी नौसेना के पास कुल सिर्फ 11 एयरक्राफ्ट कैरियर हैं, इसलिए ये बहुत कीमती संसाधन हैं और इनकी तैनाती का कार्यक्रम पहले से तय होता है। पिछले साल जून में ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमलों के समय भी अमेरिका के पास क्षेत्र में दो कैरियर थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हफ्ते कहा था कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हुआ तो वे दूसरा कैरियर भेजने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने में ईरान के साथ समझौता हो सकता है, नहीं तो स्थिति बहुत गंभीर और दर्दनाक हो सकती है।