ब्यावरा-राजगढ़। केंद्र सरकार ने देश में भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन की व्यवस्था का दावा किया था, और इसी दावे के साथ आई तब लगा कि अब देश में व्यवस्थाए सुधरेगी, भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और जनता को राहत मिलेगी, मगर जैसे जैसे समय बितता गया दावे की पोल खुलने लगी आज स्थिति यह की देश में पनप रहा भ्रष्टाचार किसी से छुपा हुआ नहीं है सरकार भी जानती है मगर कार्यवाही जारी है कहकर आगे बढ़ जाती है।
दरअसल हिंदुस्तान पैट्रोलियम गैस सिलेंडर में करीब 3 किलो गैस कम निकलने का मामला सामने आया बढ़ती महंगाई ने उपभोक्ताओं की पहले ही कमर तोड़ रखी है ऐसे में सिलेंडर से 3 किलो गैस कम निकलना भ्रष्टाचार की चरम सीमा है, संचालक ने अपने आपको दूध का धुला बताते हुए कहा कि टंकी में सील तो कोई भी लगा सकता हूं। हालत यह है कि अधिकारी और कर्मचारी सरकार की छवि को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। जब उपभोक्ता ने गैस सिलेंडर को तोल कांटे पर रखा तो उक्त गैस सिलेंडर का कुल भार 27 किलो 200 ग्राम निकला जबकि गैस का भार 14 किलो 200 ग्राम और खाली सिलेंडर का वजन 16 किलो 100 ग्राम है तो फिर कुल बजन 30 किलो 300 ग्राम निकलना चाहिए था मगर की सील बंद गैस सिलेंडर को तोल कांटे पर रखते ही कुल 27 किलो 200 ग्राम ही बजन निकला।
इस प्रकार 914 रुपए के गैस सिलेंडर में तीन किलो 100 ग्राम गैस काम निकलना उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डाला जा रहा है। डिलीवर बॉय गैस सिलेंडर रखकर खाली सिलेंडर लेकर चला जाता है वही उपभोक्ताओं के घर पर तोल कांटा नहीं होने के कारण कई उपभोक्ता तो परीक्षण भी नहीं करते इसी चीज का फायदा डिलीवर बाय उठा लेते हैं। एजेंसी संचालक यह कहता है कि आपने लेते वक्त चेक क्यों नहीं किया। संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को इस और तत्काल ध्यान देना चाहिए।
केंद्र सरकार के दावे की पोल खुलने लगी सिलेंडर में निकली 3 किलो गैस कम